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ट्रेड यूनियन एवं कर्मचारी संगठनों के संयुक्त मोर्चा से जुड़े मजदूरों एवं कर्मचारियों का गांधी सेवा सदन में हुआ महापड़ाव, सभी ने एक सुर में केंद्र के नए श्रम कानून सहित नीतियो का किया विरोध

 


धनबाद। ट्रेड यूनियन एवं कर्मचारी संगठनों का संयुक्त मोर्चा से जुड़े मजदूरों एवं कर्मचारियों का महापड़ाव गांधी सेवा सदन में हुआ। इस अवसर पर केंद्र सरकार के लेबर कानून का सभी ने जमकर विरोध किया। इस अवसर पर मौजूद बिहार कोलियरी कामगार यूनियन के महासचिव पूर्व विधायक अरुप चटर्जी ने कहा बीजेपी पब्लिक सेक्टर को बेचने में लगी है। लेबर कानून  बदलकर मजदूरों के तमाम अधिकारों का हनन करने का प्रयास किया जा रहा है केंद्र और राज्य सरकार में दोनो में ये किया जा रहा है। रघुवर सरकार के समय भी  40 से  80 मजदूर रहने पर संगठन को श्रम कानून के अंतर्गत नहीं माना जाता था कांड्रा जैसे इंडस्ट्रियल एरिया में जहां 200  मजदूर काम करते हैं वहां 15 मजदूर बताया जाता है जिससे वह श्रम कानून के अंतर्गत नहीं आते। उन्हें पीएफ, ईएसआई का लाभ नहीं मिलता। आज लेबर डिपार्टमेंट पहले के मुताबिक काफी कमजोर है वे दबाव में काम कर रहे हैं। बैंको का निजीकरण किया जा रहा है, कोल इंडिया के शेयर बेचे जा रहे है रेलवे का निजीकरण किया जा रहा है। अगर हम एकजूठ होकर लड़ाई लड़ें तो किसी भी सरकार को जाना  पड़ेगा। मौके पर ट्रेड यूनियन सीटू के ज्ञान शंकर मजूमदार, विश्वजीत चक्रवर्ती, इंटक के मन्नान मल्लिक   एके झा, वैभव सिन्हा, माले के उपेंद्र सिंह एवं अन्य मौजूद थे।



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