धनबाद। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक एवं अन्य अनियमितताओं के आरोपों ने राज्य के लाखों युवाओं का विश्वास गहरी चोट पहुँचाई है। इस मामले में चल रही जांच के दौरान कई गिरफ्तारियां हुई हैं और जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है, जिससे यह स्पष्ट है कि मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच आवश्यक है। आम आदमी पार्टी का स्पष्ट मानना है कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की विश्वसनीयता लोकतंत्र और सुशासन की आधारशिला होती है। यदि भर्ती प्रक्रिया पर ही सवाल उठने लगें तो सबसे बड़ा नुकसान उन लाखों मेहनती युवाओं का होता है, जो वर्षों की तैयारी के बाद ईमानदारी से परीक्षा देते हैं। हम झारखंड सरकार से मांग करते हैं कि इस पूरे प्रकरण की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ समयबद्ध तरीके से कराई जाए, दोषी चाहे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा निर्दोष अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा की जाए। ज्ञात हो कि जेपीएससी की प्रासंगिकता पर कोई पहली बार प्रश्नवाचक चिन्ह नहीं लगा है । राज्य की सबसे बड़ी परीक्षा बोर्ड अगर लगातार सवालों के घेरे में हो तो छात्र मायूस हो जाते हैं। भाजपा - जेएमएम - आजसू - कांग्रेस कोई भी जेपीएससी पर सरकार को घेरने का नैतिकता तो नहीं जुटा सकती क्योंकि सभी सरकारों के कार्यकाल में जेपीएससी की निष्पक्षता धूमिल होते रही है। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में तकनीकी सुरक्षा, जवाबदेही, पारदर्शिता और स्वतंत्र निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।झारखंड का युवा नौकरी नहीं, बल्कि न्याय मांग रहा है। सरकार का दायित्व है कि वह युवाओं के विश्वास को बहाल करे और यह सुनिश्चित करे कि प्रतिभा का सम्मान हो, न कि भ्रष्टाचार का।
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