धनबाद। हमारे देश ‘हिन्दुस्तान’ में हिन्दुओं की स्थिति क्या है, हमें यह जानने की आवश्यकता है । हमारा संविधान माइनॉरिटी को सरक्षण देता है पर हिन्दुओ को कोई सुविधा प्राप्त नहीं है । हेट स्पीच के नाम पर हिन्दुत्ववादियों एवं सनातन धर्म को बदनाम किया जा रहा है । इसके लिए हिन्दुओ को गांव गांव जा कर  हिन्दुराष्ट्र की आवश्यकता बताने के साथ, भारत में जितने संगठन हैं उन सब को मिलाकर समन्वय समिति बनाने की आवश्यकता है । जिससे पूरे भारत में एक साथ संवैधानिक मार्ग अपना सूत्र रख पाए, तरुण हिन्दू के संस्थापक डॉक्टर नील माधव दास ने ऐसा आवाहन किया । वे ‘शक्ति मंदिर के शक्ति भवन’, धनबाद, झारखण्ड में आयोजित ‘हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’ के उद्घाटन के अवसर पर  बोल रहे थे । इस अधिवेशन में झारखण्ड, बंगाल, बिहार एवं ओडिशा के 50 से अधिक हिन्दू संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित हैं ।

मंदिरमुक्ति अभियान हिन्दू राष्ट्र की नींव : एसविश्वनाथ कुलकर्णी,

आज के समय पूरे देश में जिस प्रकार से हिन्दू राष्ट्र की चर्चा हो रही है, उस प्रकार से हिन्दू राष्ट्र के विरुद्ध कुप्रचार भी किए जा रहे हैं । हम विशुद्ध सनातन धर्म पर आधारित रामराज्य की व्यवस्था के पक्षधर हैं । हमें लोकतंत्र में धर्मनिष्ठ राजकर्ता चाहिए तथा उसे भी राजकार्य करने के लिए धर्मोपयोगी मार्गदर्शन करने की व्यवस्था चाहिए।मंदिर मुक्ति अभियान हिन्दू राष्ट्र की नीव है अतः हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करना हमारा लक्ष्य है एवं हम इसे अवश्य प्राप्त करेंगे ! इस अधिवेशन का उद्देश्य हिन्दू राष्ट्र स्थापना के कार्य को गति एवं बल देना है ।प्रसिद्ध कथावाचक स्वामी लोचन महाराज मिश्रा ने कहा, ' पूरा विश्व ही हिन्दू है । हिन्दू कभी असंवैधानिक कार्य नहीं करता ।  घर घर के लोग बच्चों को राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा दें, संतों के द्वारा यह उद्देश्य बहुत प्रबल होना चाहिए ।'सभी में दिव्य शक्ति  ढूंढें, अंदर जो दिव्य शक्ति है उसे ढूंढें, उसकी चर्चा करें तथा पूरे विश्व में यही सभ्यता एवं संस्कृति फैलाएं । हिन्दू राष्ट्र का यही दृष्टिकोण है ! पूरा विश्व हिन्दू राष्ट्र की भूमिका अपना कर सनातनी बन रहा है,  *इंटरनेशनल वेदांत सोसाइटी, बंगाल के स्वामी निर्गुनानंद पूरीजी* ने ऐसा बताया । एमएम

 अधिवेशन का आरंभ शंखनाद एवं स्वामी राधाकांतानंद महाराजजी, स्वामी निर्गुनानंद पूरीजी, डॉक्टर नील माधव दासजी, सनातन संस्था के संत पूज्य प्रदीप खेमकाजी, दामोदर प्रभुजी एवं लोचन महाराज मिश्राजी के करकमलों से दीपप्रज्वलन कर किया गया । दीपप्रज्वलन के उपरांत वेदमंत्रों का पठन हुआ । अधिवेशन में सनातन संस्था के धर्मप्रचारक पूज्य प्रदीप खेमकाजी ने हिन्दू जनजागृति समिति के प्रेरणास्रोत सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी द्वारा प्रेषित शुभ संदेश का वाचन किया ।