Dhanbad। टाटा फुटबॉल स्टेडियम, डिगवाडीह में महिला पतंजलि योग समिति झारखंड प्रदेश का एकदिवसीय सम्मेलन संपन्न हुआ इस सम्मेलन की अध्यक्षता महिला जिला प्रभारी प्रीति सिंन्हा, मुख्य अतिथि राष्ट्रीय प्रभारी आचार्या डॉ देव प्रिया एवं मंच संचालन महिला प्रदेश प्रभारी सुधा झा ने किया। कार्यक्रम में सर्वप्रथम मुख्य द्वार में सभी को तिलक लगाकर एवं अंग वस्त्र देकर सभी बहनों का स्वागत किया गया। मंच पर दीप प्रज्वलित मुख्य अतिथि राष्ट्रीय प्रभारी डॉ देव प्रिया एवं प्रदेश महिला प्रभारी सुधा झा स्वामी दिव्य देव जी, समाजसेवी अनीता डोकानिया, अनुराग अग्रवाल, प्रदेश प्रभारी राम जीवन पांडे, योगासन फेडरेशन के संजय सिंह जी, किसान प्रभारी करम कोयरी, समाजसेवी राजकुमार अग्रवाल, रागिनी सिंह, एवं सभी राज्य कार्यकारिणी की बहने ममता जी, चंदना जी, मनोरमा जी, प्रीति जी, प्रतिमा जी मौजूद रही। राज्य कार्यकारिणी की बहने ने मुख्य अतिथि को 51 किलो का माला बनाकर अभिनंदन किया। स्वामी रामदेव का आशीर्वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी को प्राप्त हुआ उन्होंने जानकारी दिया की महिला पतंजलि योग समिति का रजिस्ट्रेशन हो गया है।
अपने स्वागत भाषण में मुख्य अतिथि ने टाटा के के महा प्रबंधक संजय राजोरिया, धनबाद जिला के वर्तमान महापौर चंद्रशेखर अग्रवाल पार्षद अनुरंजन, पार्षद सुजीत कुमार सिंह, पार्षद संजय यादव, रमा सिंन्हा का अभिनंदन किया।मुख्य अतिथि साध्वी देवप्रिया ने अपने अतिथि भाषण में संबोधित करते हुए कहीं की योग आज राष्ट्र धर्म युग धर्म बन गया है इस कलयुग का। परंतु आज भी कुछ लोग ऐसे हैं जो लगातार योग करते हैं 90% लोग योग को अच्छा मानते हैं झगड़ा नहीं करते हैं अच्छा आहार, अच्छा व्यवहार सभी लोग के साथ करते हैं परंतु लोग काम करके भी अपनी नाम की चिंता नहीं करते हैं और वह कार्य को करके मानव कल्याण के लिए भूल जाते हैं ऐसे ही लोगों के बल पर आज योग दिन दुगुना रात चौगुनी बढ़ रहा है। छोटे-छोटे कार्य को करते-करते महिला आयोग समिति भारत स्वाभिमान, पतंजलि योग समिति, योग फेडरेशन, किसान पतंजलि आदि मिलाकर एक बड़ा काम खड़ा हो गया है उसका मूल जड़ है योग।योग चलता कैसे हैं उनके बारे में साध्वी ने कहा कि 5% आपके दान से और 95 प्रतिशत आपके सहयोग से और महिलाएं अपना योगदान मनी मुकुट के रूप में करती है।पतंजलि योगपीठ का उद्देश्य सभी का जीवन में शिक्षा, स्वास्थ्य, समृद्धि खुशहाली लाना ही प्रमुख उद्देश्य है। समाधान क्या है प्रतिदिन 2 घंटे तक योग 30 मिनट ध्यान 2 घंटे का निस्वार्थ समाज सेवा करने से ही सारी समस्याएं समाप्त हो जाती हैं।
21 वीं सदी में बहनों को मोर्चा संभालना ही पड़ेगा
अब नारी का काम सिर्फ चूल्हा चौकी नहीं, 21वीं सदी की नई महिलाएं किसी से कम नहीं सरकार तो 33% आरक्षण की व्यवस्था किया है परंतु स्वामी जी 100% आरक्षण महिलाओं को दे रखा है। आज फिर से 21 वीं सदी में बहनों को मोर्चा संभालना ही पड़ेगा। नारी को अस्त्र-शस्त्र से ही काम नहीं होगा बल्कि योग से भी आप अपना लोहा कहीं भी ले सकते हैं इसका एक उदाहरण सीता माता का 14 वर्ष का वनवास भी है जहां महारानी होते हुए भी जंगल गमन करने को गई। सीता माता ने कहा कि मेरे पास दो अस्त्र त्याग और क्षमा है जो आज के नारी में मिलता है। क्षमाशीलता सावित्री माता में भी था योग की शक्ति से अपने जीवन में कठिनाइयों को दूर किया। चाहे कितना भी कष्ट हो जाए कर्तव्य मार्ग से विमुख नहीं होना है अपने धर्म की पथ पर जाना है सावित्री माता की तरह तीन-तीन घंटा तक जप करके यमराज से अपने पति का प्राण को भी वापस लाने का कार्य किया।माता अनसूईया का भी उदाहरण ऐसा ही है जिसके कारण भी योग ही था योग की शक्ति के कारण ही आज पतंजलि पूरे दुनिया में टॉप 10 में है आप ऐसा काम करें कि पुनः जोगियो के कुल में जन्म मिले।
नारी घर चला सकती है तो देश भी चला सकती है
एक श्लोक हैं -देवानाम सुमति संगो इसका अर्थ है देवों की संगति में रहना। परंतु हमारे स्वामी जी का नाम ही तो रामदेव है इसलिए हम आज घर से बाहर नहीं निकलते तो घर में मुझे 40 से 50 लोग ही जानते पर आज जो पूरी दुनिया जान रही है इसका प्रमुख करण योग स्वामी जी ही है।एक ही साधे सब सधे, सब साधे सो जाए इसलिए योग को साधे मतलब योग करें।आपके सहयोग कैसे लेना है इस पर भी उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में जब जैसा जरूरत पड़ता है वैसा रूप नारी को करना पड़ता है परंतु सबसे बड़ा रूप मातृत्व का है जो मन अपना घर चला सकती है वह मन पूरा घर देश चला सकता है परंतु योगिनी नारी होना होगा।दुख से हमें भागना नहीं चाहिए जबकि उनके प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अनुकूल शक्तियों को बढ़ाना होगा ऐसा हम बहनों का भी करना होगा। जिसे जंग जीतना है उसे 24 घंटे योग के पथ पर चलना होगा।
साध्वी देवप्रिया ने एक गीत भी गाई जो इस प्रकार है त्याग, समर्पण, स्नेह, शक्ति और तब उसकी पहचान थी । ब्रह्मा विष्णु, महेश को जिसने बच्चा बनाकर पाला था वह नारी हिंदुस्तान की।उन्होंने यह भी कहा कि आज के कार्यक्रम में शक्ति गुंजायमान है जो पतंजलि में दिख रहा है महिला पतंजलि योग समिति एक रजिस्टर संस्था हो गई है। 100 योग की कक्षा हर जिले में होना है पूरे 24 जिले में साध्वी ने कहा कि तन और मन से सेवा आप कर रहे हैं यदि धन की सेवा भी करें तो संगठन का काम और भी तेज से चलेगा हर खुशी के अवसर पर दान अवश्य दें या निकालकर महिला पतंजलि योग समिति को देने का भाव रखें।
इनकी रही सहभागिता
कार्यक्रम को पूर्ण रूप से सफल बनाने में महिला योग समिति के जिला प्रभारी प्रीति सिंन्हा, अरविंद कुमार ,धीरेन महतो, प्रभास अग्रवाल, बिरसा मुंडा स्काउट एंड गाइड के पप्पू पंडित, पार्षद अनुरंजन कुमार, रिकी कुमार साव, मिथिलेश कुमार, बेबी झा, माया देवी, रंजू देवी, प्रियंका मौर्या, सूरज चौहान,अनिलजी आदि की भूमिका प्रमुख रहा।




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