Dhanbad.बिजली दर बढ़ोतरी के प्रस्ताव की मंजूरी से पहले नियामक आयोग की पहल पर न्यू टाउन हॉल में जनसुनवाई हुई। नियामक आयोग के तकनीकी सचिव अतुल कुमार और विधि सलाहकार महेंद्र प्रसाद ने जेबीवीएनल के प्रस्ताव पर उपभोक्ताओं के विचार और शिकायतें सुनीं। उपभोक्ताओं ने जेबीवीएनएल के बिजली दर बढ़ोतरी प्रस्ताव का विरोध किया। कहा कि जनता को सुविधाएं देकर ही दर बढ़ाएं। बिजली व्यवस्था में सुधार किए बिना दर में बढ़ोतरी न्यायसंगत नहीं होगा। जनता सड़क पर उतर आएगी। आयोग सदस्यों ने आश्वस्त किया कि सभी पक्षों पर विचार करके ही बिजली दर में बढ़ोतरी का निर्णय होगा। जेबीवीएनएल को नुकसान न हो और उपभोक्ताओं पर भी अधिक भार नहीं पड़े। आयोग के विधि सलाहकार ने जेबीवीएनएल को शहरी क्षेत्र में कम से कम 23 घंटा और ग्रामीण क्षेत्र में 21 घंटा बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। कहा कि इससे कम बिजली रहने पर उपभोक्ता हर्जाना के हकदार हैं। धनबाद के बाद और चार जगहों पर जनसुनवाई होगी। सितंबर अंत तक नए टैरिफ प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। झारखंड बिजली वितरण निगम ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए घरेलू, व्यावसायिक, औद्योगिक समेत कृषि बिजली दर में 25 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग को सौंपा है। अलग-अलग श्रेणी में 45 पैसे से लेकर 3.25 रुपए तक प्रति यूनिट बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। घरेलू बिजली दर में 2.85 प्रति यूनिट बढ़ोतरी की मांग की गई है। जेबीवीएनएल मुख्यालय से महाप्रबंधक संतोषमणि सिंह ने बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर पावर प्रजेंटेशन दिया। इसमें जेबीवीएल कार्यकारी निदेशक अरविंद कुमार, धनबाद एरिया बोर्ड के जीएम एके सिन्हा, अधीक्षण अभियंता एसक कश्यप, कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता समेत काफी संख्या में उपभोक्ता शामिल हुए।
उपभोक्ताओं के सुझाव
• बढ़ोतरी का प्रस्ताव ठीक नहीं है। जनता पर बोझ बढ़ेगा। फिक्स चार्ज में 3 से 4 गुना तक वृद्धि का प्रस्ताव है। फिक्स चार्ज समाप्त कर दर में एकरूपता लाई जाए। कैलाशचंद्र गोयल, महासचिव, जिला प्लावर मिल एसो
• बरवाअड्डा के गोकुल दास कोलॉनी में 2019 में कनेक्शन दिया गया। अभी तक पोल नहीं गाड़ा गया है। चक्कर लगाकर थक गए। हर बार कोई ना कोई बहाना किया जाता है। मनोज . उपाध्याय, बरवाअड्डा
■ पिछले साल घर में बिजली का रेड किया। कनीय अभियंता ने 6 किलो वाट बिजली शो किया। जांच में 3 किलो वाट ही निकला। 6 किलो वाट का जुर्माना भरे विभाग कब वापस करेगा। राजेश झुनझुनवाला, झंरिया
स्मार्ट मीटरों की एमआरटी में जांच हो। उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए फिर से कैंप शुरू किए जाएं। जर्जर तारों को बदला जाय। ओवरलोड ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाई जाए। संतोष कुशवाहा, धनबाद






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