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श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ दी आर्ट ऑफ लिविंग धनबाद परिवार ने मनाया गुरु पूर्णिमा उत्सव

 


धनबाद। जीवन की हर मुश्किल में समाधान दिखाते हैं आप,नहीं सूझता जब कुछ तब याद आते हैं आप,धन्य हो गया जीवन मेरा बन गए मेरे गुरु जो आप।"गुरु बिना गति नहीं"। गुरु हमारे सारे भय, कष्ट और चिंता हर लेते हैं ओर अंधकार (अज्ञान) को हटाकर प्रकाश (ज्ञान) की ओर ले जाते हैं। गुरु पूर्णिमा हमारे जीवन में गुरु की महत्ता को समर्पित है।  इन पंक्तियों  को चरितार्थ करते हैं आज दी आर्ट ऑफ लिविंग धनबाद परिवार अशोक नगर स्थित राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर के प्रांगण में गुरु पूर्णिमा उत्सव में सैकड़ो अनुयाईयो के साथ सत्संग, पूर्णिमा ध्यान (फुल मून मेडिटेशन), गुरु पूजा में सम्मिलित हुए। सर्वप्रथम सभी उपस्थित उन्नायक को चंदन और पुष्प से स्वागत किया गया। कार्यक्रम की शुरुवात गुरु वंदना के साथ गुरु पूजा से की गई जिसे प्रशिक्षिका अनुप्रिया गुप्ता और झारखंड चिल्ड्रेन एंड टींस कोर्डिनेटर सोनाली सिंह ने किया। राजेश टंडन के कर्णप्रिय भजन जिसमे गुरु हमारे धन दौलत है, मौर्या रे, गुरु की महिमा, कौन कहते है भगवान आते नही इत्यादि भजनों से आई जनता को मंत्रमुग्ध कर दिया। गुरु पूर्णिमा स्पेशल (फुल मून) ध्यान कर सभी लोग ने शांति, एकाग्र व प्रसन्नता पाया। जय जय राधा रमन भजन से सत्संग की समाप्ति हुई जिसके उपरांत धनबाद एबीसी मिडिया प्रभारी मयंक सिंह ने सबके बीच गुरु ज्ञान की चर्चा की, और आने वाले दी आर्ट ऑफ लिविंग की कार्यक्रम सूची को साझा किया। स्वादिष्ट प्रसाद ग्रहण कर सभी अनुयाई और उनके परिवार सदस्य, मित्रगण गुरु की आशीष और सौभाग्य प्राप्त किए। 

इनकी रही सहभागिता

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में टीएओएल प्रशिक्षक मयंक सिंह, सोनी कुमारी, विनोद तुलसियान, रंजिता प्रसाद, कुसुम सिंह, सुताप मंडल, अपर्णा दास, जूही महतो, होयमा रॉय, अवनी धृति, नलिनी श्री, सृष्टि अग्रवाल, सुभोजित चंद्रा, आराध्या लोहानी, वंदना सिंह, रिद्धि गुप्ता, प्रीति लोहानी, खुशबू बर्नवाल, गौरी शंकर, रामाधार प्रसाद, संदीप कौशल, सुमन सिंह, रवि भादानी, नवल सिंह इत्यादि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।




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