Hot Posts

6/recent/ticker-posts

सिंबायोसिस किड्स स्कूल में अमर शहीद खुदीराम बोस की 116वीं बलिदान दिवस पर कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई





धनबाद।  झारखंड बांग्ला भाषा उन्नयन समिति द्वारा सिंबायोसिस किड्स स्कूल में अमर शहीद खुदीराम बोस की 116वीं बलिदान दिवस पर कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम में लगभग 100 बच्चों ने भाग लिया। बच्चों ने बहुत ही सुंदर ढंग से अपने नृत्य द्वारा खुदीराम बोस की जीवनी प्रस्तुत की। कार्यक्रम में भाग लेने वाले बच्चे सिंबायोसिस किड्स स्कूल, सरगम संगीत अकादमी और धनबाद पब्लिक स्कूल के बच्चे शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया।  कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि डॉक्टर सुभाष चंद्रा व उनकी धर्मपत्नी डॉक्टर अनुपमा प्रसाद के हाथों की गई। समिति के केंद्रीय अध्यक्ष रीना मंडल जी ने अमर शहीद खुदीराम बोस के बारे में विस्तृत रूप से बताते हुए कहा कि भारत माता को अंग्रेजी हुकूमत की बेड़ियो से स्वतंत्र करने का जुनून उन्हें सुदूर बंगाल के मेदिनीपुर से बिहार के मुजफ्फरपुर में खींच लाया। 30 अप्रैल 1908 को जॉर्ज किंग्स फोर्ड की हत्या की वजह से बग्गी पर बम फरार किया। लेकिन उस दिन उस बग्गी में जॉर्ज की जगह वकील पिंगल कैंनडी की पत्नी एवं बेटी सवार थी।दोनों की हत्या हो गई। खुदीराम बोस रेलवे लाइन के सारे रात में ही चलकर पूसारोड वैनी पहुंचे। खुदीराम एक दुकान पर बैठकर मुढ़ी खाना शुरू ही किया था कि उन्हें पता चला कि किंग्स फोर्ड बच गया। बोस को यही गिरफ्तार कर लिए गए। उन्हें एक विशेष ट्रेन से मुजफ्फरपुर ले जाया गया और 11 अगस्त 1908 को मुजफ्फरपुर केंद्रीय कारागार में उन्हें फांसी पर चढ़ा दिया गया। आज भी देश की योग पीढ़ी के लिए खुदीराम बोस  प्रेरणास्त्रोत बने हुए हैं। कार्यक्रम में लगभग 100 बच्चों ने भाग लिया बच्चों ने बहुत ही सुंदर ढंग से अपने नृत्य द्वारा खुदीराम बोस की जीवनी प्रस्तुत की। कार्यक्रम में भाग लेने वाले बच्चे सिंबायोसिस किड्स स्कूल, सरगम संगीत अकादमी और धनबाद पब्लिक स्कूल के बच्चे शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया। कार्यक्रम में सभी वरिष्ठ समाजसेवी, डॉक्टर, शिक्षक को मोमेंटो देखकर सम्मानित किया गया। मौजूद रहे समिति के संस्थापक वेंगु ठाकुर, आशीष मंडल, पार्थो सेनगुप्ता ,मनोज मंडल, दुर्गादास, पप्पू ,शिबू चक्रवर्ती, रघुनाथ राय, प्रिया रंजन, पंपा पाल, आरती साह और सभी शिक्षक अभिभावक मौजूद रहे।

Post a Comment

0 Comments