Dhanbad। वनबन्धु परिषद धनबाद चैप्टर एकल महिला समिति के द्वारा सिद्धी विनायक होटल धनसार धनबाद मे "एकल एक्सपोजिशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें विभिन्न शहरों से डिजाइनर अलग-अलग तरह के विशेष उत्पाद लेकर आ रहें है। एग्जिबिशन में साड़ियों, सूट, चादरे, ज्वैलरी, कटलरी, सजावट की समाग्री आदि उपलब्ध कराई जाएगी तथा झारखण्ड आर्ट को बढ़ावा देने के लिए डोगरा और मधुबनी आर्ट की भी प्रदर्शनी की जाएगी। इसके अलावा एकल उत्पाद का भी स्टॉल है जिसमें हमारे किसानों द्वारा उत्पादित हल्दी महत्वपूर्ण है। एक्सपोजिशन द्वारा अर्जित धनराशि बच्चों की पंचमुखी शिक्षा और कल्याण के लिए खर्च की जाएगी। जिसमें एक एकल विद्यालय का वार्षिक खर्च 12000 रूपये है। इस "एकल एक्सपोजिशन कार्यक्रम" में 30 स्टॉल लगाये जायेगें।
जिसमे उपस्थित समिति के सदस्यगण :-
आरती मितल, अनुराधा अग्रवाला, उर्मिला अग्रवाल श्रीमति चाँदनी मितल श्रीमति रिता अग्रवाल, श्रीमति सिमा सरिया, नुतन अग्रवाल, दीपा तुलस्यान, अनामिका तुलस्यान, नुपूर संवरिया, सिमा जालान, पायल अग्रवाल, मंजारी गुटगुटिया, श्वेता मटालिया, सुनिता अग्रवाल, स्वाती हेलिवाल, सोनल अग्रवाल, अनिता अग्रवाल, श्वेता तुलस्यान, वर्षा अग्रवाल, राधा अग्रवाल, शिल्पा रसतोगी, ईशा बंसल, श्रीमति डोली गुप्ता आदि सदस्य उपस्थित थी।
एकल विद्यालय का परिचय
एकल विद्यालय (एक शिक्षक वाले विद्यालय है) जो विगत कई वर्षों से भारत के अपेक्षित और आदिवासी बहुल सुदूर ग्रामिण क्षेत्रों में वनबन्धु परिषद द्वारा संचालित किए जा रहे है। भारत के वनवासी एवं पिछडे क्षेत्रों में इस समय 1,02,702 एकल विद्यालय से अधिक चल रहें है। ग्रामीण भारत के उत्थान में शिक्षा के महत्त्व को समझाने वालें हजारों संगठन इसमे सहयोग दे रहे है। भारत के वर्तमान में गाँवों के लाखों वनवासी बच्चों को एकल विद्यालय द्वारा शिक्षा उपलब्ध करा रहा है। यहाँ बुनियादी शिक्षा ही नहीं बल्कि समाज के उपेक्षित वर्गों को स्वास्थ्य शिक्षा, जागरण और स्वरोजगार सम्बन्धी शिक्षा दी जाती है। 1 प्राथमिक शिक्षा, 2. आरोग्य शिक्षा, 3. जागरण शिक्षा, 4. ग्राम विकास शिक्षा 5 सस्कार शिक्षा आदि शिक्षा दी जाती है।


.jpg)

.jpeg)
.jpeg)
0 Comments