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एकल श्री हरि कथा के 21 राष्ट्रीय व्यासों द्वारा राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर के सभागार में संगीतमय सुंदरकांड प्रस्तुत की गई



Dhanbad। एकल श्री हरि कथा के  21 राष्ट्रीय व्यासों द्वारा राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर के सभागार में संगीतमय सुंदरकांड प्रस्तुत की गई।आज के कार्यक्रम में झारखंड एकल श्रीहरि कथा की टीम ने पूरे उत्साह के साथ संगीत में सुंदरकांड धनबादवासीयों को सुनाया। कार्यक्रम में मुख्य व्यास कथाकार सुश्री संगीता किशोरी, गीता कुमारी, निर्मला कुमारी, राजकिशोर महतो, डमरू धार, जय नारायण जी, भामिनी भूषण जी, मनोज महतो आदि व्यासों ने प्रस्तुति की। कार्यक्रम में लगभग 100 महिला समिति उपस्थिति थी। कार्यक्रम के उपरांत रांची से पधारे मुख्य वक्ता संजय साहू ने मतदान जागरूकता हेतु अपना संदेश प्रदान किया एवं कार्यक्रम  धन्यवाद ज्ञापन एकल श्री हरि धनबाद चैप्टर के अध्यक्ष बलराम अग्रवाल ने किया। एकल श्री हरि एकल अभियान के तहत एक समाजसेवी संगठन है जिसका उद्देश्य समाज को सशक्त, सम्रस, संस्कारयुक्त एवं संगठित करना है। संस्कार शिक्षा के द्वारा पर्वतीय एवं वनांचलों में स्थापित जनजातीय एवं वन बंधु परिवारों के सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिक विकास एवं उत्थान ही संगठन का मुख्य उद्देश्य है। एकल श्री हरि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने एवं वनवासियों के बीच संस्कृत शिक्षा का प्रयास करता है। धार्मिक कार्यक्रम के माध्यम से वनवासी समाज में सांस्कृतिक एवं स्वावलंबी जागरण का कार्य आज पूरे भारतवर्ष में एकल श्रीहरि के माध्यम से किया जा रहा है।

एकल श्रीहरि के अंतर्गत आज संपूर्ण राष्ट्र में रथ योजना, हनुमान परिवार योजना, शबरी मित्र परिवार योजना, गौ ग्राम योजना एवं नगर कथा योजना समाज के उत्थान हेतु शुरू की गई है। वर्तमान में लगभग 72 श्री हरि रथ मंदिर संचालित हैं। इसमें श्री रामदरबार विराजमान है एवं पूजा अर्चना के पश्चात ग्राम वासियों के बीच रामायण एवं महाभारत दिखाया जाता है। इसके अतिरिक्त पूरे भारतवर्ष में लगभग 5200 ब्यासो के द्वारा गांव-गांव में सत्संग, सुंदरकांड, भागवत, रामायण कथा का कार्यक्रम किया जाता है। भारत राष्ट्र के अलावा नेपाल राष्ट्र में भी श्रीहरि अपनी योजना जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है। 






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