Dhanbad। षष्ठी पूजा करने के लिए शहर के विभिन्न मंदिरों में आज भक्तों का ताता लगा रहा, यह पूजा ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को की जाती है। इसे षष्ठी पूजा, जमाई षष्ठी या अरण्य पूजा कहा जाता है। यह देवी दुर्गा का ही एक रूप है। षष्ठी पूजा करने के लिए हरी मंदिर में भक्तों का भीड़ सुबह से ही लग रहा। हीरापुर हरि मंदिर के पंडित गोपाल गांगुली ने बताया कि यह पूजा बेटा दामाद के लिए किया जाता है मम्मी या सास सुबह मंदिर में पूजा कर घर जाकर प्रसाद अपने बेटे दामाद को देते हैं और उसके लंबी आयु अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं।हीरापुर की मिताली चटर्जी ने बनाया बताया यह पूजा लड़का ,लड़की दामाद सबकी मंगल कामना के लिए की जाती है हरी मंदिर में बरसों से यह पूजा में करते आ रही हूं. सुबह से यह पूजा चलता है भक्तों की काफी भीड़ होती है।



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