कलाकारों,अभिभावको व अतिथियों के लिए स्वास्थ जांच कैंप की थी व्यवस्था
धनबाद: सामुदायिक भवन कोयला नगर में आयोजित आठवीं सांस्कृतिक कार्यक्रम काला हीरा में द्वितीय दिन काला हीरा के निदेशक राजेंद्र प्रसाद ने एहसास अनुभूति की निर्देशिका सरसी चंद्रा नाट्य संघ की मिताली मुखर्जी एवं अन्य अतिथियों को पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह देकर स्वागत सम्मानित किया। द्वितीय दिन के कार्यक्रमों की शुरुआत शिवानी पंडित द्वारा गणेश वंदना नृत्य से की गई जिसके उपरांत स्थानीय एवं अन्य राज्य के कलाकारों ने भरतनाट्यम,ओडीसी, वेस्टर्न,शास्त्रीय, समूह शास्त्रीय नृत्य आदि नृत्य में एक से बढ़कर एक खास प्रस्तुतियां देते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रस धारा बहायी और दर्शकों को मंत्र मुक्त किया। सबसे दिलचस्प नन्हे कलाकारों ने जिसमें आजमगढ़ की पाखी गुप्ता का हरियाणवी लोकगीत घुंघरू तोड़ के मानूंगी,रिमझिम प्रजापति,आस्था दुबे परी सिंह, वैस्णवी जायसवाल, प्रिया यादव, मानस्वी मिश्रा की समूह शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुति, आर्यन डांस ऑफ ग्रुप धनबाद और क्रेडेंजा ग्रुप ऑफ क्रेडो स्कूल समेत अन्य नन्हे कलाकारों ने अपनी कला प्रदर्शन पूरे दमखम जोश और उत्साह के साथ अपनी मनोहारी मासूम नृत्यम अदाओं से दर्शकों को मंच की ओर ध्यानाकर्षित व भाव विभोर कर खूब तालियां बटोरी। द्वितीय दिन के निर्णायक मंडली में अलका सिंह शर्मा (अंतरराष्ट्रीय रंग महोत्सव की आयोजक, डायरेक्टर नाटरांजलि थियेटर आर्ट्स) फिल्म मेकर एंड सिंगर गौरव शर्मा (डायरेक्टर डी मीडिया प्रोडक्शन आगरा) थे। काला हीरा के निदेशक राजेंद्र प्रसाद ने कहा देश के कई राज्यों के कलाकारों के जुटान अब काला हीरा देश का बड़ा राष्ट्रीय मंच बनता जा रहा है। काला हीरा कार्यक्रम के तीसरे एवं चौथे दिन भी स्थानीय एवं अन्य राज्यों से आए कलाकार धनबादवासियों के समक्ष अपने शानदार व मनोरम नृत्य, नाट्य एवं लोक कलाकृति की प्रस्तुतियों से भारतीय संस्कृति की छटा बिखरेंगे।आजमगढ़ के हुनर संस्था के निदेशक सुनील दत्त विश्वकर्मा ने कहा पिछले 7 सालों से निरंतर काला हीरा में हमारी टीम आ रही है। काला हीरा कार्यक्रम के कारण कोयला नगरी अब कला नगरी भी बनती जा रही है।साथ ही कई राज्यों के कलाकार कोयला नगरी से रूबरू हो रहे हैं।धनबाद में स्वागत सम्मान व प्यार से सभी बहुत खुश है यहां एक अपनापन का एहसास हो रहा है। वाराणसी के वैष्णवी रूपम कला संगम संस्था के निदेशक ने कहा हर वर्ष आता हूं पहले काला हीरा एक आयोजन था अब यह त्यौहार हो चुका है यहां सारे कलाकार आने को आतुर रहते हैं और यहां आकर मिले अपनापन और सम्मान से लगता है अपने परिवार में आ गए है। उन्होंने कहा काला हीरा की सबसे बड़ी बात अपना अपनी कला का प्रदर्शन और दूसरे की कला के प्रदर्शन में भाग लेकर प्रोत्साहित करना ये भाव सबसे बड़ा कला के प्रति समर्पण है। काला हीरा प्रबंधन ने कार्यक्रम स्थल कोयनानगर, सामुदायिक भवन में रविवार को पारस हॉस्पिटल रांची के सौजन्य से स्थानीय एवं समस्त राज्य से आए कलाकारों, अतिथियों व अभिभावको के लिए स्वास्थ्य जांच कैंप का आयोजन किया गया जिसमें रेंडम ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, एसपी 2, वेट की जांच पारस हॉस्पिटल के डॉ. सुल्तान मोईन ने की। स्वास्थ जांच टीम में मैनेजर वैभव प्रसाद और सहयोगी शास्त्री आनंद, मनीला और शर्मिष्ठा थे। आठवीं काला हीरा को महासफल बनाने में राष्ट्रीय महासचिव सतीश कुंदन,काला हीरा के निर्देशक राजेंद्र प्रसाद एवं उनकी धर्मपत्नी ,99 ग्रुप का ऑफ कंपनीज के महेश मोदी, काला हीरा के एसोसिएट सह कला निकेतन के निर्देशक वशिष्ठ प्रसाद सिन्हा एवं उनकी धर्मपत्नी, क्लब इंडिया के निर्देश संतोष रजक व अनुभूति एक एहसास की महासचिव सरसी चंद्रा तथा नाटक संघ के उपाध्यक्ष यू.सी. मिश्रा, सचिव हेमंत कुमार मंडल, कोषाध्यक्ष नरेश राय,काला हीरा की उपाध्यक्ष मिताली मुखर्जी राय, कार्यकारिणी सदस्य महेंद्र गिरी,रविकांत कुमार,शिवानी पंडित, आगरा की अलका सिंह, जुटे हैं। कार्यक्रम के अंतराल में काला हीरा के सदस्य रविकांत कुमार व सीने आर्टिस्ट गौरव शर्मा ने अपनी गायिकी से लोगों का दिल जीता। कार्यक्रम के दौरान मंच से आफताब राणा की बेहतरीन उद्घोषणा दर्शकों का मनोरंजन करती रही।





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