रांची। झारखंड विधानसभा के सचेतक सह धनबाद विधायक राज सिन्हा ने आज सदन में अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना के अंतर्गत विगत 7–8 महीनों से लंबित 7,72,446 महिलाओं के आवेदनों का गंभीर मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने विशेष रूप से धनबाद, रांची एवं पलामू जिलों में सर्वाधिक आवेदन लंबित रहने पर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया।
विधायक श्री सिन्हा ने सदन में बताया कि दिसंबर 2025 तक राज्य सरकार द्वारा मात्र 51,24,060 लाभुकों को ही योजना का लाभ दिया गया, जबकि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार करीब 60 लाख महिलाओं को इस योजना से आच्छादित किया जाना था। उन्होंने आरोप लगाया कि राजकीय कोष की अनुपलब्धता एवं विभागीय शिथिलता के कारण लाखों पात्र महिलाएं योजना के लाभ से वंचित हैं। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025–26 में फर्जी तरीके से योजना का लाभ उठाने तथा उनसे अब तक राशि की वसूली एवं विधि सम्मत कार्रवाई नहीं होने के कारण राज्य को करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान का मामला भी सदन में प्रमुखता से उठाया। श्री सिन्हा ने लंबित आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई, फर्जी लाभुकों की संख्या, रिकवरी की गई राशि का विवरण एवं संपूर्ण प्रक्रिया की समय-सीमा निर्धारित करने की मांग की।
इसके साथ ही विधायक श्री सिन्हा ने जेबीभीएनएल द्वारा प्रीपेड विद्युत उपभोक्ताओं को अचानक पुराने बकाया बिल भेजे जाने से उत्पन्न हो रही गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का मुद्दा भी सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि पोस्टपेड से प्रीपेड मीटर में परिवर्तन के दौरान बकाया भुगतान के बावजूद उपभोक्ताओं को अतिरिक्त बकाया बिल के संदेश भेजे जा रहे हैं, जिससे लाखों उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
विधायक श्री सिन्हा ने इस समस्या का तत्काल समाधान, उपभोक्ताओं को राहत एवं समय-सीमा के भीतर निष्पादन की मांग करते हुए सरकार से स्पष्ट जवाब देने को कहा।




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