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आज दशलक्षण पर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म मनाया गया,संग्रह ही जीवन को दुखदायी बना देता है, जबकि त्याग जीवन को स्वस्थ और संतुलित बनाता है

 



Dhanbad। आज दशलक्षण पर्व के आँठवा दिन  उत्तम त्याग धर्म मनाया गया । प्रातः 7 बजे भगवान का अभिषेक और शांति धारा की गई ।आज के शांति धारा के पुण्यार्जक थे रागिनी  देवांशी तविशी जैन , महावीर मयंक तर्श बाकलीवालऔर विजय वरुण अतिशय गोधा विनीत जैन ।

राग द्वेष से अपने को छुड़ाने का नाम त्याग है । त्यागना प्राणी का नैसर्गिक नियम है। संग्रह ही जीवन को दुखदायी बना देता है, जबकि त्याग जीवन को स्वस्थ और संतुलित बनाता है।जिसने त्याग किया है संसार में उसका सम्मान हुआ है । जिसने संग्रह किया, उसका संसार में पतन हुआ है। 

आज के कार्यक्रम में थे संजय गोधा, सुशील बाकलीवाल, प्रमोद जैन, मनीष शाह , संतोष जैन, रजत जैन, , साधना जैन, कामना जैन,उषा जैन ,, नीलम गोधा, रिद्धि गोधा, सपना जैन आदि ।

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