धनबाद: यह सच्ची घटना है। मानवीय रिश्तों के आगे हिंसक जानवर भी घुटने टेक देते हैं। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में जंगल में चारापत्ती लेने गई जेठानी पर भालू ने हमला कर दिया, तो देवरानी हाथ में दरांती लेकर भालू पर पिल पड़ी। देवरानी के प्रतिकार से भालू सहम गया और भाग खड़ा हुआ। वैसे हिंसक भालू के हमले में देवरानी-जेठानी घायल हो गईं। भालू के भागने के बाद दोनों महिलाएं खुद ही घर की ओर आने लगीं। इस बीच रास्ते में मिले गांव वाले दोनों को लेकर गांव में पहुंचे और उनको कोटद्वार के बेस अस्पताल में भर्ती कराया।
जानवर के लिए चारापत्ती लाने गई थी देवरानी – जेठानी
पौड़ी गढ़वाल जिले के द्वारीखाल प्रखंड के बिरमोली गांव की रहने वाली 48 वर्षीया लक्ष्मी देवी और उनकी पचास साल की जेठानी पुष्पा देवी शुक्रवार देर शाम गांव के ही पास जंगल में चारापत्ती लेने गई हुई थीं। इसी बीच अचानक झाड़ियों से निकलकर भालू ने जेठानी पुष्पा देवी पर हमला कर दिया। नजदीक ही चारापत्ती काट रही लक्ष्मी देवी ने जब भालू को पुष्पा पर हमला करते देखा तो वह तत्काल हाथ में दरांती लेकर भालू से भिड़ गई। लक्ष्मी अपने और जेठानी के बचाव के बचाव में भालू पर दरांती से प्रहार करना शुरू कर दिया। लक्ष्मी की हिम्मत देख पुष्पा में भी हिम्मत आई और दोनों महिलाओं ने भालू पर एक साथ धावा बोल दिया। इस प्रतिकार पर हिंसक भालू घटनास्थल से भाग खड़ा हुआ। बेस अस्पताल के डाक्टरों ने बताया कि दोनों महिलाओं के हाथों में चोटें आई हैं और भालू के पंजों से घाव हुए हैं। खबर लिखे जाने तक महिलाओं को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।


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