धनबाद। सिंबायोसिस किड्स स्कूल के छात्रों के लिए गुरुवार का दिन बेहद खास रहा। प्राचार्या रीना मंडल की पहल पर कक्षा पाँचवी से लेकर आठवीं तक के बच्चों को स्टडी टूर के लिए बिरसा मुंडा पार्क ले जाया गया, जहां बच्चों ने प्रकृति के विभिन्न रूपों को करीब से समझा और अनुभव किया।रीना मंडल का उद्देश्य बच्चों को किताबों के बाहर वास्तविक दुनिया से सीख दिलाना था। उन्होंने कहा कि “प्रकृति सबसे बड़ी गुरू है और बच्चों को इसका प्रत्यक्ष अनुभव कराना हमारी शिक्षण पद्धति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।”उन्होंने यह भी बताया कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बच्चों में बचपन से ही विकसित की जानी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ पृथ्वी को सुरक्षित रखने में अग्रणी भूमिका निभा सकें।टूर के दौरान शिक्षिकाएँ रोमा प्रसाद और आरती साह ने बच्चों को पेड़ों की प्रजातियों, जैव विविधता, स्वच्छता और पर्यावरणीय संतुलन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।उन्होंने बच्चों को समझाया कि आधुनिक जीवनशैली में हम प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं, जबकि मानव जीवन का आधार ही प्रकृति है।“जब तक हम प्रकृति को समझेंगे नहीं, तब तक उसकी रक्षा नहीं कर पाएंगे”, दोनों शिक्षिकाओं का संदेश बच्चों को गहराई से प्रभावित करता दिखा।कार्यक्रम में शालिनी, रोशनी, अनंता मरांडी, सायमा सहित कई सहयोगी मौजूद रहीं, जिन्होंने पूरी यात्रा के दौरान बच्चों का मार्गदर्शन किया।बच्चों ने पार्क में पेड़ों, फूलों, जल स्रोतों और विभिन्न प्राकृतिक संरचनाओं का अवलोकन किया। उन्होंने प्रकृति से जुड़ी चुनौतियों और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को भी समझा।
टूर के अंत में बच्चों ने पर्यावरण की रक्षा करने और प्रकृति को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया।सिंबायोसिस किड्स स्कूल का यह स्टडी टूर बच्चों के लिए सिर्फ घूमने का मौका नहीं, बल्कि जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण सीख देने वाला अनुभव साबित हुआ।




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