संत अंथोनी चर्च धनबाद में प्रार्थना सभा में आशा के प्रतीक माने जाने वाले ' *बैगनी रंग का मोमबत्ती* 'चर्च के फादर द्वारा जलाया गया
धनबाद। संत अंथोनी चर्च धनबाद में प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। प्रार्थना सभा के आयोजन के पूर्व आशा के प्रतीक माने जाने वाले ' *बैगनी रंग का मोमबत्ती* 'चर्च के फादर द्वारा जलाया गया। क्रिसमस आगमन के चार रविवार पूर्व से ही क्रिसमस की तैयारी शुरू हो जाती है। आगमन काल के प्रत्येक रविवार का विशेष महत्व होता है। आगमन काल के प्रथम रविवार की शुरुआत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है जो ईसा मसीह के जन्म और उनके दूसरे आगमन की प्रतिक्षा और तैयारी का समय होता है। यह रविवार धार्मिक वर्ष की शुरुआत का प्रतिनिधित्व करता है और आशा के विषय से जुड़ा होता है। आगमन के पहले रविवार को जलाए जाने वाली मोमबत्ती बैंगनी रंग की होती है। यह मोमबत्ती आशा का प्रतीक है और इसे अक्सर 'भविष्यवाणी की मोमबत्ती' भी कहा जाता है जो भविष्यवक्ताओं द्वारा की गई भविष्यवाणी के अनुसार यीशु के आगमन की प्रत्याशा को दर्शाती है। बैंगनी रंग स्वयं तैयारी, तपस्या तथा राजसीपन का प्रतिनिधित्व करता है और आशा के विषय से जुड़ा है और आध्यात्मिक रूप से तैयार होने का एक अनुस्मारक है। संत अंथोनी चर्च के मुख्य फादर अमातुस कुजूर ने प्रार्थना सभा को संबोधित करते हुए अपने उपदेश में कहा कि कैथोलिक कलिसिया के कैलेंडर वर्ष के अनुसार आज आगमन का पहला रविवार है। आगमन का मतलब किसी का आना, किसी का इंतजार करना। हर वर्ष जब आगमन कल शुरू होता है तो हम सभी प्रभु के आने का इंतजार करते हैं। प्रभु के आने का इंतजार करना ही आशा का इंतजार है। कोई भी इंतजार आशा का होता है। बैगनी रंग का मोमबत्ती आशा को दर्शाता है। हम सभी आशा में जीते हैं ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार हम सभी प्रभु हमारे जीवन में आने की आशा करते हैं। उन्होंने आगे कहा जिस प्रकार कोई महान व्यक्ति हमारे बीच में आने का आह्वान किया जाता है तो हमें खुशी होती है गर्व का अनुभव होता है ठीक उसी प्रकार हमारे बीच में हमारे महान प्रभु, मुक्ति दाता, तारणहारा आने का आह्वान किया जा रहा है तो हमें प्रकाश और ज्योति के रास्ते चलकर अपने मन, विचार और सोच को स्वच्छ रखकर उस महान प्रभु को स्वागत करने के लिए हमें आध्यात्मिक रूप से तैयार रहना है।
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