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कवि-लेखकों की पुस्तकें पढ़ना मन को सुकून देती हैं : डीईओ

 


चार दिवसीय धनबाद पुस्तक मेला का भव्य आगाज़, साहित्य और संस्कृति का सजीव संगम

धनबाद। स्थानीय विवाह भवन (उत्सव भवन), कला भवन के सामने, लूबी सर्कुलर रोड, धनबाद में 16 से 19 अप्रैल, 2026 तक आयोजित चार दिवसीय पुस्तक मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) अभिषेक झा ने कहा कि कवि-लेखकों की पुस्तकें पढ़ना न केवल मन को सुकून देता है, बल्कि व्यक्ति के विचारों को भी गहराई प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में पढ़ने की संस्कृति को पुनर्जीवित करने का सशक्त माध्यम हैं।

 *अंगवस्त्र व पुस्तक देकर हुआ अभिनंदन* 

समय इंडिया के प्रबंध न्यासी एवं कई पुस्तकों के लेखक चंद्र भूषण ने मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि शिक्षा विभाग की एपीओ श्रीमती मीतू सिन्हा का अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया। विशेष बात यह रही कि पारंपरिक बुके के स्थान पर उन्हें पुस्तक देकर स्वागत किया गया, जो इस आयोजन की साहित्यिक सोच को दर्शाता है। मौके पर दिनकर पुस्तकालय के संचालक हिमांशु झा, समय प्रकाशन समूह के विक्रय प्रबंधक कन्हैया लाल पटेल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

 *कुआं खुद प्यासे के पास आया : चंद्र भूषण* 

अपने संबोधन में चंद्र भूषण ने कहा कि अक्सर यह कहा जाता है कि लोग अब पुस्तकें नहीं पढ़ते, लेकिन यदि प्रयास सच्चा हो तो असंभव भी संभव हो सकता है। उन्होंने प्रेरक पंक्तियों के साथ कहा— “ *माना कि अंधेरा घना है, लेकिन एक दीपक जलाना कब मना है।”* उन्होंने आगे कहा कि इस पुस्तक मेले के माध्यम से “ *कुआं खुद प्यासे के पास आया है* ”, यानी अब पुस्तकें सीधे पाठकों तक पहुंच रही हैं।

 *देश के प्रमुख प्रकाशनों की भागीदारी* 

मेले में समय प्रकाशन, यश प्रकाशन, दीपा प्रकाशन, अनु प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, प्रभात प्रकाशन, राधाकृष्ण प्रकाशन, डायमंड बुक्स, रेख़्ता , सामयिक, हार्पर, मंजुल प्रकाशन, पेंगुइन प्रकाशन एवं हिन्द युग्म जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों की हजारों पुस्तकें एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं। दिनकर पुस्तकालय, भागलपुर भी मेले में शामिल है।

 *प्रतिभा को मिलेगा मंच, रौनक बढ़ाएंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम* 

मेले के दौरान बच्चों और युवाओं के लिए कविता- कहानी सुनाओ, गायन, , नृत्य, चित्रकला सहित कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। भागीदारी नि:शुल्क है और विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। साथ ही कवि सम्मेलन, साहित्यिक गोष्ठी और सांस्कृतिक कार्यक्रम मेले को जीवंत बना रहे हैं।

     धनबाद में आयोजित यह पुस्तक मेला न केवल किताबों का बाजार है, बल्कि ज्ञान, विचार और संवेदना का ऐसा उत्सव है, जो समाज को पढ़ने और सोचने की नई दिशा दे रहा है।


 

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