धनबाद, आयुष फाउंडेशन धनबाद एवं एशियन पेंट्स ब्यूटीफुल होम अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में 3 जुलाई से 9 जुलाई 2026 तक स्टील गेट स्थित पारुल अकादमिक क्लासेस, सरायढेला, धनबाद में आयोजित 6 दिवसीय निःशुल्क बेसिक स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग का आज सफलतापूर्वक एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में समापन हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आधुनिक पेंटिंग तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना था। इस पहल को प्रतिभागियों एवं स्थानीय लोगों द्वारा काफी सराहा गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में धनबाद के विभिन्न क्षेत्रों से आए 33 युवक एवं युवतियों ने पूरे उत्साह एवं लगन के साथ भाग लिया। छह दिनों तक प्रतिभागियों को अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा बेसिक पेंटिंग, वॉल पेंटिंग, टेक्सचर फिनिश, सरफेस प्रिपरेशन, पुट्टी एवं प्राइमर का सही उपयोग, रंगों का सही अनुपात, आधुनिक पेंटिंग तकनीक, सुरक्षा मानकों, प्रोफेशनल वर्किंग स्टाइल तथा ग्राहक व्यवहार (Customer Handling) जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ व्यावहारिक रूप से सिखाई गईं। प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक प्रतिभागी को स्वयं कार्य करने का अवसर दिया गया, जिससे उनमें आत्मविश्वास का विकास हुआ और वे वास्तविक कार्यस्थल की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझ सके। समापन समारोह के दौरान सभी प्रतिभागियों के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास स्पष्ट दिखाई दे रहा था। एशियन पेंट्स ब्यूटीफुल होम अकादमी की ओर से सभी सफल प्रतिभागियों को ट्रेनिंग सर्टिफिकेट, बैग, टी-शर्ट एवं कैप (टोपी) प्रदान किए गए। वहीं आयुष फाउंडेशन धनबाद की ओर से प्रत्येक प्रतिभागी को प्रशंसा प्रमाणपत्र (Certificate of Appreciation) एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान प्रतिभागियों के उत्साह, अनुशासन एवं प्रशिक्षण के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा।
समापन समारोह में पेंटिंग क्षेत्र से जुड़े कई अनुभवी कॉन्ट्रैक्टर्स भी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने वर्षों के अनुभव प्रतिभागियों के साथ साझा किए तथा बताया कि यदि कोई व्यक्ति इस क्षेत्र में ईमानदारी, मेहनत और गुणवत्ता के साथ कार्य करे तो उसके लिए रोजगार और स्वरोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को निरंतर सीखते रहने, नई तकनीकों को अपनाने तथा अपने कौशल को समय-समय पर उन्नत करते रहने की सलाह दी। उनके प्रेरणादायक अनुभवों ने सभी प्रतिभागियों को नई ऊर्जा और आत्मविश्वास प्रदान किया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि छह दिनों में उन्हें केवल पेंटिंग का कार्य ही नहीं, बल्कि एक पेशेवर व्यक्ति के रूप में कार्य करने का तरीका, ग्राहकों से संवाद स्थापित करने की कला तथा कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने के महत्वपूर्ण पहलुओं की भी जानकारी प्राप्त हुई। सभी प्रतिभागियों ने एक स्वर में कहा कि भविष्य में भी आयुष फाउंडेशन धनबाद एवं एशियन पेंट्स ब्यूटीफुल होम अकादमी द्वारा इस प्रकार के निःशुल्क कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को इसका लाभ मिल सके। इस अवसर पर आयुष फाउंडेशन धनबाद के अध्यक्ष गणेश शर्मा ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सम्मानजनक रोजगार के अवसरों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि संस्था भविष्य में भी विभिन्न क्षेत्रों में उद्योगों एवं संस्थानों के सहयोग से ऐसे जनहितकारी और रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी, जिससे समाज के अधिक से अधिक युवाओं को लाभ मिल सके।
कार्यक्रम में आयुष फाउंडेशन धनबाद के अन्य सक्रिय सदस्य भी उपस्थित रहे और उन्होंने पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं एशियन पेंट्स ब्यूटीफुल होम अकादमी की ओर से ट्रेनर कुमार विशाल, प्रिय कुमार, सचिन गोस्वामी एवं विवेक कुमार ने पूरे छह दिनों तक प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया तथा समापन समारोह में सभी को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों, अतिथियों एवं उपस्थित सदस्यों के लिए स्नेह भोज (लंच) का आयोजन किया गया। सभी ने एक-दूसरे को बधाई दी और भविष्य में पुनः ऐसे कार्यक्रमों में मिलने की आशा व्यक्त की। सौहार्दपूर्ण वातावरण में सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाओं एवं सम्मान के साथ विदाई दी गई।
यह 6 दिवसीय निःशुल्क बेसिक स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग कार्यक्रम युवाओं के कौशल विकास, आत्मनिर्भरता एवं रोजगार सृजन की दिशा में एक प्रेरणादायक और सफल पहल साबित हुआ। आयुष फाउंडेशन धनबाद एवं एशियन पेंट्स ब्यूटीफुल होम अकादमी के इस संयुक्त प्रयास ने यह सिद्ध किया कि यदि सामाजिक संस्थाएँ और उद्योग जगत मिलकर कार्य करें, तो युवाओं के लिए रोजगारपरक कौशल विकास के नए द्वार खोले जा सकते हैं।


.jpeg)
.jpeg)
0 Comments