धनबाद। पाटलीपुत्र हॉस्पिटल, जोड़ा फाटक रोड, धनबाद के ऑर्थोपेडिक्स एवं जॉइंट रिप्लेसमेंट विशेषज्ञ डॉ. निखिल ड्रोलिया, एम.एस. (ऑर्थोपेडिक्स), कंसल्टेंट – जॉइंट रिप्लेसमेंट एवं ट्रॉमा सर्जन ने ऑर्थोपेडिक सर्जरी के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में अत्याधुनिक डायरेक्ट एंटीरियर अप्रोच (Direct Anterior Approach) तकनीक से टूटे हुए कुल्हे (हिप फ्रैक्चर) का सफल हिप रिप्लेसमेंट ऑपरेशन किया गया।मरीज मोहम्मद अब्दुल अजीज खान (65 वर्ष), निवासी चिरकुंडा, 22 जून 2026 को साइकिल दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिससे उनके कुल्हे की हड्डी टूट गई थी। जांच के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों ने हिप रिप्लेसमेंट की सलाह दी। इसके बाद डॉ. निखिल ड्रोलिया एवं उनकी टीम ने डायरेक्ट एंटीरियर अप्रोच तकनीक से सफलतापूर्वक सर्जरी की। वर्तमान में मरीज की स्थिति संतोषजनक है तथा वे तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं।
डॉ. निखिल ड्रोलिया ने बताया कि डायरेक्ट एंटीरियर अप्रोच हिप रिप्लेसमेंट की एक अत्याधुनिक एवं कम आक्रामक (Minimally Invasive) तकनीक है। इस तकनीक में मरीज अपेक्षाकृत कम दर्द के साथ जल्दी स्वस्थ होते हैं और सामान्य जीवन में शीघ्र लौट सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस तकनीक के माध्यम से मरीजों को बैठने, चलने-फिरने और दैनिक गतिविधियां शुरू करने में भी सुविधा मिलती है। उनके अनुसार धनबाद में इस तकनीक से यह पहला ऑपरेशन है, जबकि झारखंड में भी इसका उपयोग अभी सीमित है और अब तक केवल चुनिंदा मामलों में ही इसे सफलतापूर्वक अपनाया गया है।
इस तकनीक के प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
- मांसपेशियों का संरक्षण: पारंपरिक (पोस्टीरियर अप्रोच) सर्जरी के विपरीत इस तकनीक में किसी भी प्रमुख मांसपेशी को काटना या अलग नहीं करना पड़ता, जिससे मांसपेशियां सुरक्षित रहती हैं।
- तेज रिकवरी एवं कम दर्द: मांसपेशियां सुरक्षित रहने के कारण ऑपरेशन के बाद मरीज को अपेक्षाकृत कम दर्द होता है तथा वह जल्दी चलने-फिरने और दैनिक गतिविधियां शुरू करने में सक्षम हो जाता है।
- हिप डिसलोकेशन का कम खतरा: इस तकनीक में हिप डिसलोकेशन (कूल्हे का अपनी जगह से खिसकना) की संभावना पारंपरिक सर्जरी की तुलना में काफी कम रहती है।
- अस्पताल में कम समय: मरीज को सामान्यतः कम दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता है, जिससे उपचार अधिक सुविधाजनक बनता है।
- जल्दी सामान्य जीवन में वापसी: कम दर्द और तेज रिकवरी के कारण मरीज अपेक्षाकृत कम समय में अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट सकते हैं।
- बेहतर बैठने की सुविधा: पारंपरिक जॉइंट रिप्लेसमेंट के बाद पूरी तरह बैठने में कठिनाई हो सकती है, जबकि इस तकनीक से ऑपरेशन कराने वाले मरीज अपेक्षाकृत आसानी से पालथी मारकर बैठ सकते हैं।
डॉ. निखिल ड्रोलिया ने बताया कि अब तक इस प्रकार की अत्याधुनिक हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी के लिए धनबाद एवं आसपास के मरीजों को दिल्ली, मुंबई या कोलकाता जैसे महानगरों का रुख करना पड़ता था। अब यह सुविधा पाटलीपुत्र हॉस्पिटल, धनबाद में उपलब्ध होने से मरीजों को अपने ही शहर में विश्वस्तरीय तकनीक से उपचार मिल सकेगा। इससे समय और खर्च की बचत होगी तथा लंबी दूरी की यात्रा की परेशानी से भी राहत मिलेगी।
पाटलीपुत्र हॉस्पिटल के डायरेक्टर-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. निर्मल ड्रोलिया ने कहा कि अस्पताल आधुनिक तकनीकों एवं अनुभवी विशेषज्ञ चिकित्सकों के माध्यम से धनबाद सहित पूरे झारखंड के मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।




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