Dhanbad। इस्कॉन धनबाद धैया द्वारा इस वर्ष श्री राधाष्टमी महा महोत्सव मारुति कुंज में बहुत ही धूमधाम से मनाया गया।कार्यक्रम की शुरुआत अत्यंत मनमोहक मधुर हरे कृष्ण कीर्तन से हुई। आए हुए सैकड़ो श्रद्धालूओ ने जमकर कीर्तन में भाग लिया। इस्कॉन धनबाद के अध्यक्ष नामप्रेम प्रभु तथा उपाध्यक्ष दामोदर गोविंद प्रभु ने राधारानी की कृपाओ का गुणगान करते हुऐ कथा किया।दामोदर गोविंद प्रभु ने राधारानी के तत्व को गहराई से समझाते हुए बताया की जिन मुरली मनोहर श्री कृष्ण भगवान से पूरा जगत आकर्षित है, जिनकी भक्ति, सेवा, आदि प्राप्त करने के लिए पूरी दुनिया प्रार्थनाएं करती हैं, वे परम पुरुषोत्तम भगवान श्री कृष्ण राधारानी से सदा ही आकर्षित रहते हैं। अत राधा तत्व सारे वेदों का सबसे गुह्यतम और गोपनीय तत्व है जिसे केवल भगवान के शुद्ध भक्त ही समझ सकते हैं।नामप्रेम प्रभु ने इस युग में राधा रानी की कृपा प्राप्त करने के सबसे सरल माध्यम का उल्लेख किया। प्रभु जी ने बताया की परम पुरुषोत्तम भगवान श्री कृष्णा, प्रेम भक्ति की पराकाष्ठा राधा रानी का भाव लेकर श्री चैतन्य महाप्रभु के रूप में इस कलयुग रूपी दोशो के सागर में डूबते जीवो को हरे कृष्ण महामंत्र द्वारा तारने के लिए आए हैं। अंतत हरे कृष्ण महामंत्र में ही राधा रानी ने अपनी सारी भक्ति शक्ति का समावेश किया है और इसका नियमित रूप से जप करने के अलावा जीव के पास आध्यात्मिक प्रगति की और कोई आशा नहीं है।
महाअभिषेक, छप्पन भोग और महाआरती हुआ आयोजन
कथा के पश्चात श्री श्री राधा कृष्ण के श्री विग्रह का अत्यंत भव्य पंचामृत अभिषेक किया गया। श्री विग्रह का अभिषेक दूध, दही, मधु, घृत, पुष्प-सार, फलों के रस, गंगाजल, पंचगव्य, विभिन्न प्रकार के पुष्प एवं शर्करा से किया गया। पूरे अभिषेक के दौरान निरंतर सारे भक्त हरे कृष्ण महामंत्र के कीर्तन में उत्साह के साथ भाग ले रहे थे। अभिषेक के उपरांत श्री विग्रहों का सुंदर श्रृंगार किया गया। श्री राधा कृष्ण अत्यंत ही मनमोहक लग रहे थे।आए हुए श्रद्धालुओं द्वारा भगवान की प्रसन्नता के लिए भिन्न-भिन्न प्रकार के स्वादिष्ठ व्यंजन प्रस्तुत कर भगवान को 56 भोग अर्पित किया गया। श्री राधा कृष्ण की मधुर आरती गाई और सारे भक्तों द्वारा भगवान का पुष्प अभिषेक किया गया। कार्यक्रम के अंत में सारे श्रद्धालुओं के लिए प्रचुर मात्रा में प्लेट भर महाप्रसाद का वितरण किया गया।

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