धनबाद। 100 वर्षों में पहली बार बरमसिया छठ तालाब में पूजा नहीं होगी।पूजा समिति ने तालाब के सामने बैनर लगा कर पूजा का आयोजन नहीं करने की अपील की है। समिति ने लिखा है कि यहां कार्य प्रगति पर है और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। छठव्रतियों के लिए यह खतरनाक हो सकता है। नगर निगम द्वारा बरमसिया छठ तालाब में सौंदर्गीकरण का काम चल रहा है। इसे देखते हुए बरमसिया छठ पूजा समिति ने यहां पूजा का आयोजन नहीं करने का निर्णय लिया और पूजा समिति ने एक सार्वजनिक सूचना वाला बैनर भी यहां लगा दिया है।
डेढ़ करोड़ की लागत से निगम करा रहा बरमसिया छठ तालाब का सौंदर्गीकरण
नगर निगम 1.5 करोड़ की लागत से बरमसिया छठ तालाब का सौंदर्गीकरण करा रहा है। तालाब में कई जगहों पर 10-15 फीट के गड्ढे हो गए हैं। पूजा समिति के सचिव कल्लू चौधरी ने बताया कि तालाब में काम होने की वजह से यहां पूजा नहीं किया जा रहा है। इससे संबंधित एक बैनर भी तालाब जाने वाले रास्ते में दिख रहा है।
दस हजार श्रद्धालुओं को होगी परेशानी
बरमसिया छठ तालाब में छठ पूजा नहीं होने से आसपास के दस हजार लोगों को परेशानी होगी। यहां हर साल दस हजार से अधिक भीड़ उमड़ती है। यहां बिनोद नगर, बरमसिया, मनईटांड़ कुम्हार पट्टी, चीरागोड़ा से श्रद्धालु पूजा करने के लिए आते हैं। अब इन लोगों को पूजा के लिए वैकल्पिक तालाब चुनना होगा।
यहीं पूजा करने की तैयारी में हैं कुछ लोग
बरमसिया तालाब के आसपास रहने वाले कुछ लोग अधूरे तालाब में ही पूजा करने की तैयारी कर रहे हैं। आसपास तालाब नहीं रहने की वजह से कुछ लोग यहीं पूजा करेंगे। हालांकि पूजा कमेटी ने खतरनाक घाट का हवाला देकर पूजा नहीं करने की अपील की है।



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