Hot Posts

6/recent/ticker-posts

बालाजी मंदिर जगजीवन के वार्षिक ब्रह्मोत्सव के अंतिम दिन उमड़ी भीड़, गोविन्दा-गोविन्दा के जयकारे से गोविन्द मय हुआ कोयलांचल

 



Dhanbad। बालाजी मंदिर जगजीवन के वार्षिक ब्रह्मोत्सव के अंतिम दिन श्रीवारी कल्याणम (भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी के विवाह) के शुभ अवसर पर भक्त और भगवान के बीच दुल्हे- दुल्हन और बारातियों सा रिश्ता देखने को मिला। आज तड़के सुबह सुप्रभातम एवं वेंकेटेश श्रोतम से प्रारम्भ हुई संकल्प, पूजा, आराधना, कल्याणम से होते हुए नगर भ्रमण और फिर सर्वदर्शन के साथ गोविंदा को दिए गए एकांतवास के साथ तीन दिवसीय ब्रह्ममहोत्सवम का समापन हो गया। आज उत्सव के अंतिम दिन हज़ारों की संख्या में लोगों का उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर आई एस एम (आई आई टी) के सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थियों के सिवाय जिले के भिन्न भिन्न क्षेत्रों से आकर भक्तों ने भाग लिया, पूजा अर्चना की और गोविंदा-गोविंदा के जय-जय कार से कोयलांचल को गोविन्दमय कर दिया। पूजा अर्चना की रीति, रश्म, वादन,गायन मंत्रोचारण से वातावरण ऐसा हो गया मानो सभी भक्तगण तिरुपति तिरुमला ही पहुंच गए हो। संध्या समय नगरभ्रमण के दौरान पालकी में भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी को सजा संवार कर नगर भर्मण कराया गया। आज कल्याणम के पश्यात दो हज़ार से भी अधिक भक्तों ने दक्षिण भारतीय व्यंजन (भोग) को स्वीकार किया और अपने शहर में दक्षिण भारतीय आहार का लुफ्त उठाया जिसे निर्मित करने के लिए कारीगरों का एक दल विशेष तौर पर बुलाया गया था।  

आज के कार्यक्रम की सफलता में श्रीनिवास गारु, प्रो वेंकेटेश, प्रो दिवाकर, शारदा देवी, बी अनुपमा, ज्योति राव, वाणी राव, रेणुका विल्लुरी, अंजलि, सौजन्या की भूमिका सराहनीय रही।



Post a Comment

0 Comments