धनबाद। जगजीवन नगर स्थित बालाजी श्री वेंकटेस्वर मंदिर के तीन दिवसीय ब्रह्म महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार की पूजा प्रक्रिया प्रात 6 बजे सुप्रभातम सेवा के साथ की गई। तत्पश्यात सैकड़ों की संख्या में उपस्थित भक्तों के साथ संकल्प कराया गया। तिरुपति से कोयलांचल की धरती में आये पुरोहित दल के प्रतिनिधियों का नेतृत्व करने वाले मुख्य पुरोहित आचार्य श्रीनिवास ने बताया कि धनबाद झारखण्ड में आकर पूजा समिति एवं भक्तों के परंपरा एवं पूजा के प्रति उत्साह अपने आप में अद्भुत हैं। वर्षों से पूजा का दायित्व निभा रहे आचार्य ने कहा कि यहां आकर ऐसा लगता हैं कि हम सब अपने घर में ही पूजा कर रहें हैं। उन्होंने मंदिर प्रबंधन की तारीफ़ करते हुए कहा कि आठ दस गिने चुने सदस्यों द्वारा इतने बड़े आयोजन की सफल तैयारी अपने आप में इनके कुशल प्रबंधन एवं पूजा परम्परों के प्रति इनकी निष्ठा को स्पष्ट करती है। आज के विधि पूर्ण कार्यक्रम में संकल्प के बाद पूजा, अर्चना, अभिषेक के साथ भगवान का अद्भुत अलंकरण देखने योग्य था। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो भगवान विष्णु साक्षात् प्रकट होकर धनबाद वासियों के भक्ति भावना से प्रसन्न हो सभी को अपना आशीर्वाद दे रहे हो। सांध्यकालीन पहर में भगवान की विशेष पूजा के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमे सबसे पहले कोलकाता से आकर धनबाद के ही कलाकार पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट कोलकाता में कार्यरत भरत अंकित ने सर्वप्रथम "हरी तुम हरो जन की पीड़ा" संग भगवान विष्णु के लिए भजन प्रस्तुत कर श्रोताओं को मत्रमुग्ध कर दिया। तत्पश्यात साधना कला केंद्र धनबाद के बच्चों ने अपने गुरु समृद्धो चौधरी के दिशा निर्देशन में राम आये है, पर नृत्य नाटिका पेश किया। वरिष्ठ कलाकार के तौर पर अमित कुमार दास ने राम गुण के साथ होरी गेट हुए माहौल में होली के दस्तक का शानदार अहसाह कराया। कार्यक्रम के अंत में कृष्ण लीला पर एक नृत्य नाटिका की खूबसूरत प्रस्तुति हुई जिसने श्रोताओं का मन लुभा लिया। इस नृत्य नाटिका में अग्रणी भूमिका निभा रही कक्षा सातवीं में पढ़ने वाली एरिना चौधरी ने अपनी अद्भुत प्रस्तुति से श्रोताओं को मन मुद्घ कर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में संगत कलाकारों की भूमिका में जय शंकर ठाकुर (हारमोनियम), श्री गणेश चक्रबर्ती (तबला) एवं सुश्री अर्चना आश्रिता (वायलिन)ने अपने अपने कला का शानदार परिचय कराया। रविवार को श्रीवारी कल्याणम के साथ भगवान की शादी के साथ भोग वितरण की व्यवस्था है जिसमे सैकड़ों की संख्या में भक्तों के शामिल होने की बात बताई जा रही है। कार्यक्रम की सफलता में
श्री के वी रमना राव, डॉ. बी. जगदीश राव, श्री रमेश राव, श्री राकेश राव, श्री गोविन्द, श्री रतन राव, श्रीनिवास राव, श्री सुनील सिंह समेत की सराहनीय भूमिका निभाई।
.jpg)
.jpg)
.jpg)

.jpg)

.jpeg)
.jpeg)
0 Comments