धनबाद : आयुष फाउंडेशन धनबाद के 12 इंटर्नशिप लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के छात्रों ने आज बड़वाटंड बस्ती का दौरा किया। यह बस्ती 37 लोगों के एक बंजारा परिवार का निवास स्थान है। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य था छात्रों को बस्ती के जीवन की कठिनाइयों से अवगत कराना और उनकी सहायता करना।फाउंडेशन की सचिव अर्पिता अग्रवाल ने बताया कि संस्था पिछले तीन सालों से इस बस्ती के निवासियों की मदद कर रही है। फाउंडेशन ने राशन कार्ड, बैंक अकाउंट खोलने, बच्चों के स्कूल में एडमिशन करवाने और समय-समय पर अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति में योगदान दिया है।छात्रों ने बस्ती में रह रहे बच्चों को पढ़ाया और उन्हें कॉपी, पेन, पेंसिल, कटर, रबड़, स्केच पेन, मोम रंग, केला, बिस्कुट, आम, टॉफी, पुराने कपड़े और कुछ राशन वितरित किया। इसके साथ ही छात्रों ने बस्ती के निवासियों के जीवन को करीब से देखा और उनकी कठिनाइयों का अनुभव किया।फाउंडेशन के उपाध्यक्ष गणेश शर्मा ने बताया कि इस दौरे का उद्देश्य छात्रों को गरीबी और जीवन की चुनौतियों का अनुभव कराना था, ताकि वे भविष्य में ऐसे लोगों की हर संभव मदद कर सकें। उन्होंने कहा, "विद्यार्थियों को एक ऐसी जगह में लेकर गए जहां पर उनका टॉपिक वेस्ट मैनेजमेंट था। यहां के निवासियों ने अपने हाथों से अलग-अलग कलाकृतियां बनाकर अपने रोजगार का साधन बनाया है। इससे विद्यार्थियों के सब्जेक्ट में एक नई ऊर्जा का उदय हुआ और वे अपने विषय को अच्छे से लिख पाएंगे। इसी उद्देश्य से हम विद्यार्थियों को इस जगह पर लेकर आए हैं।"
इस प्रयास से छात्रों को बस्ती के निवासियों की कठिनाइयों का वास्तविक अनुभव हुआ और उनके दिलों में सेवा और सहयोग की भावना और भी मजबूत हुई। आयुष फाउंडेशन धनबाद का यह कदम समाज में एक सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।



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