धनबाद:बिपत्तारिणी पूजा झारखंड, बंगाल समेत कई राज्यों में आषाढ़ के महीने में रथ यात्रा के बाद पहले मंगलवार एवं शनिवार को बंगाली समुदाय द्वारा मनाया जाता है। कोयला नगर भगवती मंदिर के पुरोहित हरि बामून गोस्वामी ब्रह्मचारी ने बताया विपत्तारिणी पूजा में मां दुर्गा की बिपत्तारिणी रूप की पूजा की जाती है। मां भक्तों के परिवार की विपत्ति हर लेती है. इस पूजा में 13 प्रकार के फल-फूल और मिठाइयां चढ़ाया जाता है।यह पूजा 1994 में 35 भक्तों से प्रारंभ हुई थी और आज लगभग 5000 की भीड़ है।देश के विभिन्न क्षेत्रों से भक्त आए हुए हैं . विपत्तरनी पूजा का प्रसाद विदेश में भी भेजा जाता है।आज पूजा में बीसीसीएल सीएमडी समीरान दत्ता , डायरेक्टर टेक्निकल संजय कुमार सिंह उनकी धर्मपत्नी ,डायरेक्टर फाइनेंस सहित अन्य अधिकारीयों ने पूजा किया। बीसीसीएल सीएमडी सम्मेलन दत्ता ने पूजा पर करने के पश्चात माता का जयकारा लगाये। उन्होंने बीसीसीएल कर्मियों के साथ धनबाद के निवासियों की विपत्ति हारने की कामना की। सीएमडी ने कहा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी यह पूजा पूरी भक्ति एवं श्रद्धा से हो रहा है बेहतरीन आयोजन के लिए ऑर्गेनाइजिंग कमेटी को विशेष धन्यवाद। भक्त एवं आयोजन कमेटी के वंदना घोषाल ने बताया कि यह दुर्गा पूजा का शुरुआत का प्रतीक है , श्रद्धालु संकट दूर करने के लिए माता के पास प्रार्थना करते हैं । मंदिर में विभिन्न क्षेत्रों से भक्त आते हैं ।यहां मां तारा मंदिर एवं भागवती मंदिर में जो भी फल, साड़ी प्रसाद मिलते हैं उन्हें हम लोग जरूरतमंदों के बीच वितरण भी करते हैं ।
भक्तों ने माता से परिवार में आने वाली विपत्तियों से मुक्ति की प्रार्थना की। इस दौरान मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष महिलाएं हाथ जोड़कर जीवन में मंगल कामना के लिए प्रार्थना की। वैदिक मंत्रोच्चारण से पूजा अर्चना के बाद आरती की गई। उसके बाद महिलाओं ने एक दूसरे की मांग में सिंदूर भरकर अपने पतियों के लंबी उम्र की कामना की। पूजा के पश्चात पुरोहित द्वारा भक्तों को रक्षा सूत्र बांधा गया व श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का भी वितरण किया गया। विपत्तारिणी पूजा को लेकर शहर के कोयला नगर दुर्गा मंदिर,मां तारा मंदिर, नेपाल काली मंदिर, हीरापुर दुर्गा मंदिर, तेली पाड़ा काली मंदिर, सरायढे़ला दुर्गा मंदिर,जगजीवन नगर दुर्गा काली मंदिर, मनईटांड़ दुर्गा मंदिर व सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई।





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