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कोडरमा में बदल दिया अंग्रेजों के जमाने का पुल, अब नीचे से गुजरेगी ट्रेन... ऊपर सरपट दौड़ेंगे वाहन

 


कोडरमा. नई दिल्ली-हावड़ा ग्रैंड कॉर्ड सेक्सन के कोडरमा में झुमरी तिलैया बाईपास के पास बना अंग्रेजों के जमाने का आरओबी अब बदल गया है. नई तकनीक के तहत आरओबी को डिजाइन कर लगाया गया है. पहली बार इस रेल खंड पर 6 दिसंबर 1906 को धनबाद-कोडरमा-गझंडी तक ट्रेन चली थी. अब 118 वर्ष के बाद कोडरमा में पूरी तरह से नया आरओबी बनकर तैयार हो गया है. इसके लिए कई दिन अलग-अलग तिथियों में 2 से 3 घंटे तक ब्लॉक लिया गया था. अब यहां पुल के नीचे से ट्रेन गुजरेगी और ऊपर से वाहनों का परिचालन सरपट होगा.

रोमांचित करती है यहां से गुजरती ट्रेन

पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर के सीपीआरओ सरस्वती चंद ने बताया कि कोडरमा-गया रेलखंड में तीन गुफा आकर्षण का केंद्र हैं. उसी तरह कोडरमा-हजारीबाग टाउन बरकाकाना रेलखंड में भी गुफाओं के बीच से ट्रेन गुजरती है. कुछ मिनट के लिए अंधेरा हो जाता है. वहीं, कोडरमा से बरही जाने के क्रम में तिलैया डैम में ट्रेन पानी के ऊपर से गुजरती है. ये पूरा रेलखंड प्राकृतिक वादियों से परिपूर्ण है. इसी तरह कोडरमा-राजगीर रेलखंड भी पर्यटन से जुड़ेगा और हसीन वादियों के बीच यात्री सफर का लुत्फ उठा सकेंगे.

एयरपोर्ट की तर्ज पर बन रहा नया स्टेशन भवन

आगे बताया कि मालवाहक ट्रेनों के लिए बनने वाले डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर नई रेल लाइन के निर्माण के बाद व्यापक परिवर्तन नजर आएगा. पश्चिम बंगाल के दानकूनी से लुधियाना तक डीएफसी लाइन बनकर तैयार हो जाएगी. आर्थिक विकास के साथ आधारभूत संरचनाएं इस रेलखंड पर दिखेंगी. इधर, कोडरमा के समीप तीन मंजिला रेलवे स्टेशन भवन एयरपोर्ट की तर्ज पर बनाया जा रहा है. स्टेशन पर काली मंदिर के समीप से वाहन दो मंजिल तक जाएंगे और वहां यात्री उतरकर सीधे फुटओवर ब्रिज और एलिवेटर के जरिए प्लेटफार्म पर पहुंचेंगे. कोडरमा स्टेशन को अमृत भारत योजना के तहत भी जोड़ा गया और 32 करोड़ की लागत से कई विकास के कार्य होने हैं.



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