Hot Posts

6/recent/ticker-posts

दशलक्षण पर्व के छठे दिन उत्तम संयम धर्म की पूजा हुई, संयम माने जिस मनुष्य ने अपने जीवन में संयम धारण कर लिया है, उसका मनुष्य जीवन सार्थक है तथा सफल है


Dhanbad। दशलक्षण पर्व का छठा दिन उत्तम संयम धर्म की पूजा हुई। साथ ही आज धूप दशमी है ।आज प्रातः 7 बजे भगवान का अभिषेक किया गया फिर शांतिधारा की गई ।आज के पुण्यार्जक विजय ,विनीत  जैन और आकाश अंशी जैन थे।आज का संयम धर्म --इंद्रिय को वश में रखना इंद्रिय संयम है। स्पर्श,रसना,घ्राण,चक्षु और कर्ण ये पांच इंद्रियां हैं। इन इंद्रियों के विषयों में आसक्त हुआ यह मोही प्राणी अपने स्वभाव को भूल रहा है। अपनी ही अज्ञानता का परिणाम है कि सामर्थ्‍य शक्तिवान होते हुए भी इनका दास बना हुआ है। जिस मनुष्य ने अपने जीवन में संयम धारण कर लिया है, उसका मनुष्य जीवन सार्थक है तथा सफल है। 

साथ ही आज धूप दशमी भी है इस अवसर पर आज समाज के सभी पुरुष और महिलाएं संध्या 4 बजे धैया जैन मंदिर पहुंचे  और प्रभु के सामने गर्म अंगीठी में मंत्रोच्चार के साथ धूप डालकर कर मन और वातावरण में सुद्धि की याचना की ।इस अवसर पर चक्रेश जैन, संजय गोधा , पप्पन जैन,नवीन गोधा, प्रमोद जैन, सुशील बाकलीवाल  ,मुकेश गंगवाल, वरुण गोधा, राखी जैन, अंशी जैन, साधना जैन, रेणु जैन आदि उपस्थित थे।

Post a Comment

0 Comments