धनबाद। गोल्फ ग्राउंड धनबाद में मासस एवं भाकपा माले की एकता रैली संपन्न हुई।इस एकता रैली का अध्यक्षता मासस केंद्रीय अध्यक्ष आनंद महतो ने किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भाकपा-माले केंद्रीय महासचिव कामरेड दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि यह देश की राजनीति और कम्युनिस्ट आंदोलन के लिए ऐतिहासिक अवसर है, कॉमरेड एके राय दक्ष नेतृत्व में मजदूर आंदोलन और झारखंड आंदोलन का नेतृत्व करने वाली मार्क्सवादी समन्वय समिति का नक्सलबाड़ी से लेकर आज संधि कॉर्पोरेट फासीवाद के खिलाफ संघर्षों में कम्युनिस्ट आंदोलन का धार देने वाले भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेलिनबादी) लिबरेशन के साथ विलय हो रहा है, यह कॉमरेड एके राय और कामरेड विनोद मिश्रा के व्यापक वाम और कम्युनिस्ट एकीकरण के सापने की ओर जरूरी और महत्वपूर्ण कदम है, इस एकीकरण से देश के फासीवाद विरोधी लोकतांत्रिक संघर्षों को ताकत मिलेगी। निजीकरण के खिलाफ मजदूर आंदोलन को नया आवेग मिलेगा। इस एकीकरण से झारखंड पर हो रहे कॉरपोरेट हमले के खिलाफ प्रतिरोध का ताकत यह रैली महिलाओं पर हो रहे हम लोग के खिलाफ प्रतिबद्ध तेज करने का आह्वान है,, घर कार्य स्थल रास्ता बाजार ट्रेन बस से लेकर सभी जगह पर महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है, दिन महिलाओं के लिए सुरक्षित हो, रात भी महिलाओं के लिए सुरक्षित हो इसकी गारंटी सरकार को करनी होगी। यह रैली बलात्कार के न्याय के मांग करती है, और नए में देरी के लिए सरकारों से जवाब तलब हो, शहीदों के गौरवमयी विरासत बाबा तिलकामांझी,सिद्धू कानू,फूलों जानू, बिरसा मुंडा, भगत सिंह से लेकर शक्ति नाथ महतो,लालधन महतो, गंगाधर यादव, गुरदास चटर्जी, मनिंद्रनाथ मंडल महेंद्र, महेंद्र सिंह और तमाम शहीदों को इस अवसर पर याद करते हैं, हम कॉमरेड विनोद मिश्रा कॉमरेड राम नरेश राम को लाल सलाम पेश करते हैं,ए के राय इब्नूल हसन जयंत गांगुली दिलीप मंडल बावधान किसको कजला मुंडा नेपाल रवानी तब्बू उर्मिला देवी पारो देवी और हजारों अलविदा कह गए साथियों एवं समर्थकों को याद करते हैं जिन्होंने अपनी जिंदगी क्रांतिकारी संघर्षों के नाम समर्पित कर दिया शहीदों की गौरव में परंपरा हमारे साझी विरासत है कॉमरेड एके राय का कामरेड रामनरेश राम कमरेड गुरदास चटर्जी कॉमरेड महेंद्र सिंह जैसे जनप्रतिनिधियों के आदर्शों का हम अनुसरण करेंगे, हम अपने शहीदों और दिवंगत साथियों को याद करते हुए संकल्प लेते हैं कि हम उनके सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ते और कोई भी कसर नहीं छोड़ेंगे। आज मजदूर आंदोलन अभूतपूर्व संकट से गुजर रहा है एक और पुराने स्वामी कानून को खत्म करने का कानून के जरिए उनके अधिकारों को खत्म किया जा रहा है और मालिक पवन तक के सामने उन्हें अधिकार विहीन किया जा रहा, दूसरी और मोदी सरकार कॉर्पोरेट के हित में तमाम सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण कर रही है। इससे मजदूर के जीवन कार्य सुरक्षा और वेतन के संकुचन हुआ, इसका असर दूसरे तपको पर भी पड़ा है, निजीकरण के खिलाफ मजदूर वर्ग को तमाम संघर्ष तक को क साथ मिलकर मजदूर आंदोलन को तेज करना होगा। इस एकता रैली के माध्यम से हम एकीकृत भाकपा-माले निजीकरण के खिलाफ खासकर कोयला क्षेत्र को निजी क्षेत्र को सौपने के खिलाफ आंदोलन तेज करने का आह्वान करते हैं, झारखंड निर्माण के बाद झारखंड की सत्ता ज्यादातर भाजपा के हाथों में रही हे, भाजपा ने शुरू से ही झारखंडी आकांक्षाओं के साथ विश्वास घात किया। मोदी के सत्ता में आने के बाद जल जंगल जमीन और खनिज संपदाओं की लूट के लिए कॉरपोरेट पूंजी के खातिर में हर दरवाजे खोल दिए गए। गोड्डा में बिजली निर्माण और कोयला खनन के लिए जमीन और गंगा के पानी के इस्तेमाल की इजाजत और हर तरह की छूट के साथ विशेष इकोनामिक क्षेत्र सौंप दिया गया, अदानी को हजारीबाग में कॉल ब्लॉक देने के लिए कई गांवों को विस्थापित किया जा रहा है। इस प्रदेश को कॉर्पोरेट के हाथों में सपना के लिए भाजपा की डबल इंजन सरकार ने सीएनटी एसपीटी एक्ट को बदलने और पांचवी अनुसूची के प्रावधानों पर हमला करने की कोशिश की, बनाधिकार को संकुचित करने से 591 गांव के 64801 परिवारों के सामने विस्थापन की समस्या हो गई है, झारखंडियों की स्थानीयता नीति और स्थानीयता आधारित रोजगार की मांग, विस्थापितों के लिए पुनर्वास एवं मालिकाना हक, पैसा नीति तैयार करने और जाति जनगणना कर आरक्षण की मांग को भाजपा सरकार अनसुनी कर रही है और उन्हें नायक गांव पैसों में उलझती रही है, खनिज रॉयल्टी और आर्थिक हिस्सेदारी में झारखंड के साथ लगातार संघीय क्षेत्रीय अन्य बढ़ा है, झारखंडियों के बचाव के लिए हम मोदी सरकार की कॉर्पोरेट दखल नीति, आदिवासी विरोधी नीति, झारखंड के साथ भेदभाव के खिलाफ तमाम झारखंड परस्त ताकतवर अधिकार संगठनों के साथ आंदोलन के लिए आगे बढ़ेंगे और झारखंड आकांक्षाओं को पूरा करने की संघर्ष को मजबूत करेंगे। संघ ने झारखंड में धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर उन्माद फैलाने की हमेशा साजिश की है, आदिवासियों के अंदर सरणा इसाइ सांप्रदायिक विभाजन की साजिश रचती रही है, 2014 के बाद मोदी सरकार और रघुवर सरकार के दौरान राज्य में भीड़ हिंसा तेजी से बड़ी है, नई शिक्षा नीति के जरिए विश्वविद्यालय का भगवाकरण किया जा रहा है और आदिवासियों एवं कमजोर सबको के लिए उच्च शिक्षा के अवसर को काम किया जा रहा है। कॉरपोरेट सोशल दोहन ने राज्य के पर्यावरण को खतरे में डाल दिया है, महिलाओं और समाज के कमजोर सबको के ऊपर मनुवादी हमले और आदिवासी अंचलों में अदत सैनिक बलों का अत्याचार बड़ा है, राज्यपाल एवं भाजपा के विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों एवं अधिकारियों द्वारा राज्य में स्थाई राजनीतिक संकट का माहौल है, भाजपा द्वारा खरीद प्रो की राजनीतिक ने जनादेश को बेमानी कर दिया है, मोदी की नीतियों की वजह से झारखंड बेरोजगारी महंगाई और राज्यों को स्थाई आर्थिक विभिन्नता की खाई में धकेल दिया है, मोदी ने राज्य एवं देश के संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया है, लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने के लिए यूएपीए का इस्तेमाल बढ़ गया है, इस राज्य में लोकतंत्र विकास और प्राकृतिक संसाधनों के अनुरूप आर्थिक हिस्सेदारी के लिए भाजपा को परास्त करना आवश्यक है, भाकपा-माले तमाम भाजपा विरोधी ताकतों को एकजुट करने की कोशिश करेगी और सड़क एवं सदन की लड़ाई मे फासीवाद के खिलाफ सबसे मुख्यर ताकत बनीगी। हम इसके लिए जल्द ही तमाम लोकतांत्रिक राजनीतिक गैर राजनीतिक शक्तियों के साथ मिलकर संयुक्त संघर्ष की योजना बनाएंगे और संघर्ष को तेज करेंगे, कार्यक्रम में मुख्य रूप से मासस केंद्रीय महामंत्री कॉमरेड हलधर महतो ,सांसद कॉमरेड सुदामा प्रसाद, राजाराम सिंह, विधायक संदीप जयसवाल, विधायक विनोद सिंह, पूर्व विधायक अरुप चटर्जी, पूर्व विधायक राजकुमार यादव, मिथिलेश सिंह, चंद्रदेव महतो, गीता मंडल, निताइ महतो, सोबूर गराइ, जगदीश रवानी, बिंदा पासवान, कार्तिक प्रसाद हारि, दिलीप राम,दिलीप तिवारी, आनंदमहि पाल, अगम राम, उस्मान अंसारी, संदीप जयसवाल, आरडी माझी, सम्राट चौधरी, राणा चट्टराज,शेखर दा, कल्याण चक्रवर्ती, कल्याण घोषाल आदि लोग शामिल थे।



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