Dhanbad। मदनलाल अग्रवाल जी की 103वीं जयंती पर उत्सव के रूप में मनाया गया। एकल अभियान की तरफ से एकल दौड़ एवं एकल सुर ताल का कार्यक्रम एकल की गंगोत्री धनबाद की पावन भूमि पर आयोजन किया गया।
सुबह एकल दौड़ के कार्यक्रम में गांव से लगभग 700 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस शुभ अवसर पर धनबाद के माननीय विधायक श्री राज सिन्हा, आईआईटी आईएसएम के डिप्टी डायरेक्टर धीरज कुमार, ECL के जीएम फाइनेंस श्यामसुंदर गुप्ता, अशर्फी हॉस्पिटल के डायरेक्टर हरेंद्र सिंह, शेखर शर्मा इत्यादि ने ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ की शुरुआत की, जो रणधीर वर्मा चौक होते हुए पूजा टॉकीज, रंगाटांड, नया बाजार, बैंक मोड़ होते हुए राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर के प्रांगण में समाप्त हुई। इस दौड़ में भाइयों में संतोष कुमार तथा प्रताप राव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कुंदन कुमार तथा विकास गोरी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा राहुल महतो व मनोज महतो ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वही बहनों में मोनिका कुमारी तथा मनी महतो ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, सनी महतो एवं नीतू महतो ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा कविता कुमारी एवं शिवरात्रि कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। यह दौड़ 18 वर्ष से ऊपर तथा 18 वर्ष से काम के बच्चों के बीच की गई समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में सिंपल के डायरेक्टर श्री एक मिश्रा तथा पर से मैथन पावर लिमिटेड के के ओन श्री दिनेश गंगवाल मौजूद थे जिनके द्वारा प्रथम विजेता को 51 00 द्वितीय विजेता को 3100 तथा तृतीय विजेता को 2100 की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। इसके साथ-साथ जितने भी बच्चों ने भाग लिया था, सभी को कैस्ट्रॉन टेक्नोलॉजी की तरफ से पुरस्कार का वितरण किया गया। कार्यक्रम में 99 ग्रुप की तरफ से कैप, कोटक महिंद्रा, फर्स्ट एडवाइजर, अलौकिक ग्रुप तथा क्रेडो वर्ल्ड स्कूल की तरफ से टीशर्ट स्पॉन्सर किया गया। एकल अभियान के सभी कार्यकर्ताओं को महिला समिति के तरफ से सम्मान प्रदान किया गया। संध्या में एकल अभियान के वनवासी कलाकारों के द्वारा भारत के रंग एकल के संग कार्यक्रम की प्रस्तुति की गई । कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के रूप में श्री नरसिंह बालाजी धाम के मुख्य संस्थापक श्री संतोष भाई जी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यवाह श्री संजय कुमार जी, मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष श्री राजकुमार अग्रवाल जी इत्यादी उपस्थित थे। एकल श्रीहरि’ – एकल अभियान के अंतर्गत एक समाजसेवी संगठन है । जिसका मुख्य उद्देश्य एकल अभियान के पंचमुखी शिक्षा में से एक मूल्याधारित संस्कार शिक्षा के द्वारा सुदूर, पर्वतीय , जनजातियों, वनांचलों में बसे वन -बंधुओं के सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक उत्थान के लिए कार्य करना है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रयास करना है । हमारे पास देश भर में लगभग 53000 संस्कार केंद्र हैं जो हमारे दृष्टिकोण को प्रोत्साहित कर रहे हैं।आपके सहयोग के साथ, अब हमारे पास कुल 120 श्रीहरि रथ हैं, जो हजारों लोगों की मदद कर रहे हैं और उनके जीवन पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ रहे हैं । हमारे उद्देश्य पूर्ति के लिए “एकल श्रीहरि” द्वारा गाँव में संस्कार केंद्र की स्थापना कर वहाँ के निवासी स्त्री ,पुरुषों व बच्चों को एकत्र करके सत्संग के माध्यम से उनमें अपने संस्कृति के प्रति आदर व्यवहार में संस्कार तथा ज्ञान का प्रसार व संगठन जीवन के लिए प्रेरित किया जारहा है। अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त एकल अभियान की सुरताल टीम के द्वारा रामायण की प्रस्तुति की गई। भारत के रंग एकल के संग एक जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम। यह एकल विद्यालयों के ग्रामीण और आदिवासी बच्चों की कलात्मक प्रतिभाओं को लोक नृत्यों, देशभक्ति गीतों और नाटकों के माध्यम से प्रदर्शित करता है, जिससे उनके सशक्तिकरण पर प्रकाश डाला जाता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य दूरस्थ, वंचित ग्रामीण क्षेत्रों में एकल-शिक्षक विद्यालयों (एकल विद्यालय) की स्थापना के लिए तथा साक्षरता और शिक्षा को बढ़ावा देना है। ये कलाकार दूरदराज के गांवों के बच्चे हैं जिन्हें महीनों तक नृत्य, संगीत और रंगमंच कला का प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वे अक्सर विदेश और भारत में अपने कौशल का प्रदर्शन कर सकें। स्व0 मदनलाल अग्रवाला जी का धनबाद के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों एवं समाज के अति पिछडे़ वर्ग तथा जागृृत समाज के उत्थान में बहुत बडा़ योगदान रहा है। मदन बाबुजी का योगदान धनबाद की अनेक सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं को स्थापित करने एवं आगे बढाने में भी रहा है। धनबाद की धरती से ही एकल विद्यालय की स्थापना कर सम्पूणर््ा भारत में विद्या की जो अलख जगाई है, वह संपूर्ण विश्व में विख्यात है एवं धनबाद को एक अलग पहचान प्रदान की है। एकल विद्यालय के माध्यम से ग्रामीण परिवारों में एक नई चेतना का आवाहन हुआ है, जिसके हम सभी आज साक्षी है। आज पूरे भारत वर्ष में लगभग एक लाख से अधिक एकल विद्यालय संचालित है जिसमें लगभग 30 लाख विधार्थी बाल शिक्षा, आरोग्य शिक्षा, बिकास शिक्षा, जागरण शिक्षा एवं संस्कार शिक्षा ग्रहण कर रहें है। आज पूरे भारत वर्ष में 1 लाख से ज्यादा शिक्षक एवं लगभग 12,500 सेवावर्ती कार्यकर्ता सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में अपनी सेवा दे रहें है।प्रसि़़़द्ध समाजसेवी, शिक्षाप्रेमी और उद्योगपति मदनबाबुजी ने ही झरिया में समाज के कुछ लोगों के साथ मिलकर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की नींव धनबाद क्षेत्र में रखी थीं। मदनबाबु ने संघ के प्रांतीय स्तर के विभिन्न पदों का दायित्व भी संभाला। मौके पर एकल अभियान भारत विकास परिषद मारवाड़ी सम्मेलन राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर एवं धनबाद क्लब के समस्त समिति एवं सदस्य इत्यादि उपस्थित थे।




.jpeg)
.jpeg)
0 Comments