धनबाद इनकम टैक्स बार एसोसिएशन (DITBA) एवं धनबाद इंडायरेक्ट टैक्सेस प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन (DITPA) के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 16 मार्च 2026 को होटल क्लार्क्स इन सूट्स, धनबाद में प्रतिष्ठित “ज्ञान संचय – मेगा टैक्स कॉन्फ्रेंस 2026” का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
यह सम्मेलन मुख्यतः प्रांतीय स्तर का आयोजन होते हुए भी राष्ट्रीय स्वरूप ग्रहण कर चुका था, जिसमें झारखंड के विभिन्न शहरों — धनबाद, रांची, जमशेदपुर, रामगढ़, बोकारो, गिरिडीह, देवघर, कोडरमा, पुरुलिया — सहित अन्य राज्यों से भी 300 से अधिक प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
साथ ही, ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ टैक्स प्रैक्टिशनर्स (AIFTP) के सभी जोनल चेयरमैन की उपस्थिति एवं स्वीकृति ने इस आयोजन को राष्ट्रीय गरिमा प्रदान की।
मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि
सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि माननीय श्री तुषार कांति सतपथी, अध्यक्ष, जीएसटी अपीलीय अधिकरण (GSTAT), झारखंड द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में निम्नलिखित गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही:
माननीय श्री राजेश कुमार झा, मुख्य आयकर आयुक्त (CCIT), झारखंड
माननीय श्री संजीव कश्यप, प्रधान आयकर आयुक्त (Pr. CIT), धनबाद
माननीय श्री गोविंदस्वामी बास्कर, जेनरल सेक्रेटरी (AIFTP)
अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने कर प्रणाली में पारदर्शिता, पेशेवर नैतिकता एवं विभागीय-व्यावसायिक समन्वय को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया तथा ऐसे ज्ञान मंचों की सराहना की।
राष्ट्रीय स्तर के ख्यातिप्राप्त वक्ताओं के व्याख्यान
सम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित वक्ताओं ने समसामयिक एवं महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया:
• डॉ. (सीए) अर्पित हल्दिया — जीएसटी एक्ट: ऑडिट, एनालिटिक्स एवं लिटिगेशन रणनीति
उन्होंने जीएसटी ऑडिट की व्यावहारिक चुनौतियों, डेटा एनालिटिक्स के बढ़ते महत्व, विभागीय जांच की प्रक्रिया, नोटिस एवं अपील की रणनीति तथा हालिया न्यायिक निर्णयों के आलोक में करदाताओं की तैयारी पर विस्तार से प्रकाश डाला।
• डॉ. (सीए) सनी कटेसरिया — नॉन-कॉरपोरेट फाइनेंशियल रिपोर्टिंग ट्रांसफॉर्मेशन
उन्होंने नॉन-कॉरपोरेट संस्थाओं में वित्तीय प्रतिवेदन की बदलती संरचना, अनुपालन आवश्यकताओं, लेखांकन मानकों में सुधार, पारदर्शिता एवं रिपोर्टिंग की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत किए।
• सीए रोहित कपूर — आयकर अधिनियम, 2025: संक्रमण, चुनौतियाँ एवं परिवर्तन
उन्होंने प्रस्तावित आयकर अधिनियम, 2025 की संरचनात्मक विशेषताओं, पुराने प्रावधानों की तुलना, संक्रमणकालीन व्यवस्थाओं, कर नियोजन की नई दिशा तथा प्रोफेशनल्स की भूमिका पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
वक्ताओं ने आयकर अधिनियम, 2025 एवं जीएसटी कानून में हो रहे परिवर्तनों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करते हुए कर पेशेवरों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
धनबाद इनकम टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सीए ललित कुमार झुनझुनवाला ने अपने स्वागत भाषण में DITBA की स्थापना वर्ष 1968 से लेकर वर्तमान तक की ज्ञान-परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ज्ञान, एकता और पेशेवर प्रतिबद्धता का उत्सव है।
उन्होंने कहा कि:
“यह आयोजन प्रांतीय स्तर पर एक ऐतिहासिक मील का पत्थर सिद्ध होगा तथा भविष्य में कर पेशेवरों के लिए एक मानक स्थापित करेगा।”
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे संयुक्त आयोजन विभाग एवं प्रोफेशन के मध्य विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करेंगे तथा भविष्य में पेशेवर एकता को नई दिशा प्रदान करेंगे।
सम्मेलन के संयोजक सीए के. के. हरोड़िया ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि “ज्ञान संचय” केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सतत अध्ययन, व्यावसायिक अनुशासन एवं सामूहिक प्रयास की एक प्रतिबद्ध पहल है। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों से निरंतर सीखने, समयानुकूल परिवर्तन स्वीकार करने तथा प्रोफेशन की गरिमा को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया।
सामूहिक प्रयास
सह-संयोजक अधिवक्ता आनंद पसारी ने संगठनात्मक समन्वय, व्यवस्थाओं की निगरानी एवं सूक्ष्म तैयारी में सक्रिय भूमिका निभाते हुए आयोजन को उत्कृष्ट स्वरूप प्रदान किया।
दोनों संगठनों के समस्त कार्यकारिणी सदस्यों ने अत्यंत परिश्रम, अनुशासन, टीम भावना एवं समर्पण के साथ प्रत्येक व्यवस्था — स्वागत, मंच संचालन, आतिथ्य, तकनीकी सत्र, मीडिया समन्वय एवं व्यवस्थापन — को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया।
यह आयोजन इस बात का प्रमाण रहा कि जब संगठनात्मक एकता, नेतृत्व और सामूहिक प्रतिबद्धता एक दिशा में कार्य करती है, तो परिणाम ऐतिहासिक होते हैं।
मंच संचालन सीए श्याम पसारी, सीए अमित डालमिया एवं मिस अक्षिता पसारी द्वारा प्रभावशाली ढंग से किया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर धनबाद इंडायरेक्ट टैक्सेस प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन (DITPA) के अध्यक्ष सीए राजेश सिंघल ने अपने समापन वक्तव्य में कहा कि यह सम्मेलन विभाग एवं प्रोफेशन के मध्य सकारात्मक संवाद, समन्वय एवं पारस्परिक विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ है।
उन्होंने सम्मेलन की सफलता के लिए मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, सभी वक्ताओं, AIFTP के पदाधिकारियों, विभिन्न शहरों से पधारे प्रतिनिधियों, मीडिया प्रतिनिधियों, प्रयोजकों तथा आयोजन समिति के सभी सदस्यों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
निष्कर्ष
“ज्ञान संचय – 2026” ने यह सिद्ध कर दिया कि जब ज्ञान, अनुभव और संगठनात्मक शक्ति एक मंच पर एकत्रित होती है, तो वह केवल सम्मेलन नहीं बल्कि एक आंदोलन का रूप ले लेती है।
यह सम्मेलन न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि विभागीय अधिकारियों एवं कर पेशेवरों के मध्य संवाद एवं विश्वास को भी सुदृढ़ करने वाला मंच सिद्ध हुआ।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सचिव मनीष पंसारी व गोपाल शर्मा कोषाध्यक्ष विनय अग्रवाल व रोहित चौधरी, सदस्य विवेक अग्रवाल, रोहित पोद्दार, विवेक पसारी श्याम पंसारी, अमित डालमिया, नितिन हड़ोदिया, कुंदन सिंह, मनोज अग्रवाल, भारतेश सापडिया मनोज चौटालिया, मनीष अग्रवाल, विकास गुप्ता, पंकज केजरीवाल, अश्विन चौटालिया आदि ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।




.jpeg)
.jpeg)
0 Comments