धनबाद।हिंदी साहित्य विकास परिषद ट्रस्ट एवं धनबाद क्लब द्वारा आयोजित रविवार को शहर के धनबाद क्लब में हास्य भरी शाम 2026 का एक भव्य आयोजन किया गया।साहित्य विकास परिषद इस बार की हास्य का उत्सव हास्य कवियों के साथ मनाया जिसमें देश के नाम चिन कवियों ने सभी को हंसाया ।सुप्रसिद्ध विश्व विख्यात कवित्री भुवन मोहिनी उज्जैन के हास्य एवं प्रेम गीत से धनबाद क्लब गूंज उठा । वही जबलपुर से पधारे सुदीप भोला ने हास्य की फुलझड़ियां लोगों पर छोड़ी।वाराणसी से पधारे हास्य सम्राट डॉ अनिल चौबे ने अपनी हास्य कविताओं से शहर वासियों को हँसाया । हिंदी साहित्य विकास परिषद के सचिव राकेश शर्मा एवं अध्यक्ष संजय आनंद ने साहित्य विकास परिषद की उपलब्धियां का गुणगान किया। राकेश शर्मा ने बताया कि आगामी सितंबर मास में हिंदी साहित्य विकास परिषद एक कहानी संग्रह का लोकार्पण करने जा रही है जिसमें झारखंड के सभी कहानीकारों से कहानी आमंत्रित की जा रही है ।
वही सुप्रसिद्ध कवियत्री
डॉ भुवन मोहिनी ने
तन हो सर पे जब छप्पर तो सावन क्या बिगड़ेगा,
दुपट्टा हो बदन पे जो दुशासन क्या बिगड़ेगा,
तुम्हें सौगंध मर्यादा की जो लक्ष्मण ने खींची थी,
वो रेखा पार मत करना तो रावण क्या बिगड़ेगा ।।
करते क्या साजना बिन तुम्हारे नयन
देखते ही रहे चाँद तारे नयन
गुज़री यादें नमक में भिगोते रहे
और फिर सो गये थक के हारे नयन
सुदीप भोला ने अपनी कविता
पापा ने हैप्पी बद्दे पर मोबाइल दिलवाया था,
ऑनलाइन हो गई पढ़ाई ,किश्तों पर मंगवाया था,
पढ़ो बेटियों बढ़ो बेटियों उनने मन में ठाना था,
दुनियां कर लेगी मुट्ठी में दुनिया को दिखलाना था,
उसी मोबाइल से वो लड़की इंस्टाग्राम चलाती है
पढ़ती नहीं पढ़ाती है दिन भर रील बनती
डॉ अनिल चौबे
राजकीय वैभव विलास नहीं बाँध पाये
विदुर की प्रीति पहुनाई बाँध देती है ।
छप्पनों प्रकार भोग फींके लगते है जब
तंडुल सुदामा की मिताई बाँध देती है ।
वैसे तो अनादि हैं अनंत है स्वरूप किन्तु
अपने पदों में मीरा बाई बाँध देती है ।
कौरव,सभा में जिसे बाँध नहीं पाये उसे
ऊखल में यशुमति माई बाँध देती है ।
कार्यक्रम का उद्घाटन उद्योगपति सह समाजसेवी श्री केदारनाथ मित्तल श्री दिलीप कुमार गोपालका, डॉ निर्मल डोलिया डॉ संगीता करण,शिव बालक सिंह,सज्जन खरकिया,पुष्कर डोकानिया,रमेश रिटोलिया,अनीता अग्रवाल ,हिंदी साहित्य विकास परिषद् ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय आनंद सचिव राकेश शर्मा, धनबाद क्लब अध्यक्ष चेतन गोयनका, सचिव अतुल डोकानिया, ने संयुक्त रूप से किया ।
अनीता अग्रवाल निशब्द द्वारा रचित "नारी तुम दुर्गा हो "का लोकार्पण सभी सम्मानित अतिथियो द्वारा किया गया । कार्यक्रम का सफल संचालन में जिनकी सराहनीय भूमिका रही। जय प्रकाश अग्रवाल, सीताराम सिंह, , ,किरण गोयनका सज्जन खरकिआ, प्रमोद अग्रवाल, डॉ निर्मल ड्रॉलिया, डॉ संगीता करण,अनंत भरतीया, प्रवीण अग्रवाल, शेखर शर्मा, कोल कैपिटल होटल के सुशांत कुमार, राजकुमार गोयल, विवेक रूंगटा, अनूप गोयल, अजय अग्रवाल, डॉ राजर्षी भूषण, अनीता अग्रवाल,किरण गोयनका,शेखर अग्रवाल, एडवोकेट शिब शक्ति प्रसाद,राहुल डोकानिया, प्रमोद गोयल
आदि मौजूद थे । कार्यक्रम का सफल संचालन में जिनकी सराहनीय भूमिका रही
, जय प्रकाश अग्रवाल,संजयu तिवारी सीताराम सिंह, अंनत नाथ सिंह, ,सज्जन खरकिआ, प्रमोद अग्रवाल, डॉ निर्मल ड्रॉलिया, डॉ संगीता करण, संत कुमार श्रीवास्तव
आदि मौजूद थे l


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