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फलाहारिणी अमावस्या पर पथराकुली के मां भवतारिणी मंदिर में रात्रि भोर पूजा अर्चना हुई




Dhanbad :  लगभग 50 साल पहले काली बाबा के द्वारा पथराकुली में मां भवतारिणी मंदिर में मां काली का पूजा शुरू किया गया था। जो आज भी पूरे विधि विधान के साथ नियमित रूप से प्रतिदिन मां का पूजा अर्चना होता हैं। विशेष कर प्रति अमावस्या के दिन पूरे धूम धाम से पूजा अर्चना होता है। इस दिन पूजा के बाद भोग वितरण होता हैं। फलाहारनी अमावस्या के दिन ही इस मंदिर में मां काली का मूर्ति स्थापित किया गया था। फलस्वरूप मा का आज नया मूर्ति मंदिर में स्थापित किया गया। शनिवार रात्रि 9 बजे से पूजा शुरू हुआ था। जो भोर तक चला। पूरे विधि विधान के साथ पूजा अर्चना किया गया। रात्रि दो बजे हवन हुआ। पूजा देखने के लिए दूर दूर से सैंकड़ों श्रद्धालुओं का भीड़ लगा था। आज सुबह से भोग वितरण शुरू

हुआ । जिसमें सैंकड़ों लोगों ने भोग ग्रहण किया। वर्तमान में काली बाबू के पुत्र तरुण गोस्वामी ( बापी दा ) द्वारा पूजा किया जा रहा हैं। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए बताए कि , श्री रामकृष्ण परमहंस देव जी ने अपने पत्नी मां शारदा देवी को बैठा कर शोला उपचार में पूजा किए थे। इसी विधि विधान से आज के दिन मां भवतारिणी का पूजा अर्चना संपन्न हुआ। आज के दिन ही इस मंदिर का स्थापना किया गया था। मां भवतारिणी का मूर्ति स्थापित किया गया था।  इस पूजा में विशेष रूप से काली बाबू के अन्य पुत्र उदय गोस्वामी एवं अरुण गोस्वामी शामिल रहते हैं। इसके अलावा विशाल, बैशाली, अनिर्बान ,मिष्टी,

रिमझिम, श्याम, श्रीनू मुखर्जी, छोटू रक्षी, दोलन रक्षी सहित अन्य भरपूर सहयोग करते हैं।

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