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अपुर पाठशाला के माध्यम से सिंबायोसिस किड्स स्कूल में निशुल्क 200 वर्ण परिचय बंगला किताब वितरण किया गया, समिति की केंद्रीय अध्यक्ष रीना मंडल व प्राचार्य ने कहा कि बांग्ला भाषा सभी छात्रों को पढ़ना चाहिए

 


Dhanbad। शनिवार को झारखंड बंगला भाषी उन्नयन समिति के संस्थापक और केंद्रीय अध्यक्ष  रीना मंडल  के द्वारा अपुर पाठशाला के माध्यम से सिंबायोसिस किड्स स्कूल में निशुल्क 200 वर्ण परिचय बंगला किताब वितरण किया गया। समिति के केंद्रीय अध्यक्ष  रीना मंडल व प्राचार्य ने कहा कि बांग्ला भाषा सभी छात्रों को पढ़ना चाहिए। भारत के संविधान में कुल 22 भाषाओं को राजभाषा का दर्जा दिया गया है जिसमें हिंदी की तरह बांग्ला भाषा भी एक राजभाषा है। बांग्ला भाषा पढ़ने से किसी को नुकसान नहीं पहुंचेगा बल्कि उससे लाभ होगा क्योंकि हमारे झारखंड का प्राचीन भाषा बांग्ला है। झारखंड के शिक्षक नियुक्ति में बांग्ला भाषा की नियुक्ति हमेशा खाली रहती है, अगर सभी बच्चों को बांग्ला भाषा का शिक्षा दिया जाए तो एक रोजगार भी बढ़ेगा और जो रिक्त स्थान है बांग्ला भाषा का वह भी भर जाएंगे। और उन्होंने यह भी कहा कि माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद कहा है कि सभी को अपनी मातृभाषा का ज्ञान होना चाहिए पर वहीं पर बंगालियों के साथ अन्याय किया जा रहा है भेदभाव की जा रही है इसीलिए हम सभी को बांग्ला भाषा पढ़ा रहे हैं ताकि कोई भी बांग्ला भाषा से वंचित न रह सके। बांग्ला भाषा विश्व का सबसे मधुर भाषा है और विश्व में सातवें स्थान प्राप्त है और भारत में द्वितीय स्थान प्राप्त है। यह सभी बच्चों को बंगला भाषा का ज्ञान बहुत जरूरी है।  समिति के संस्थापक वेंगु ठाकुर  ने कहा कि सरकार बांग्ला भाषा के साथ अवहेलना कर रही है। झारखंड राज्य अलग होने के बाद से ही बांग्ला भाषा का पठन-पाठन खत्म कर दी गई है।बांग्ला भाषा की शिक्षिका लक्ष्मी मुखर्जी ने कहा कि बच्चे काफी खुश है आनंदित है और बांग्ला पढ़ने में काफी रुचि भी है। कार्यक्रम में सभी शिक्षक शिक्षिकाएं तथा बच्चे मौजूद थे।

 


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