धनबाद। एकल अभियान के तत्वावधान में धनबाद में रक्षाबंधन एवं आचार्य-व्यास सम्मान समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एकल अभियान से जुड़े लगभग 450 कार्यकर्ताओं, आचार्यों एवं व्यासों को उनके समर्पण, सेवा-भाव एवं ग्रामीण तथा वनवासी क्षेत्रों में शिक्षा एवं सामाजिक जागरण के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उन कार्यकर्ताओं के योगदान को सम्मानित करना था, जो समाज के दूरस्थ ग्रामीण विकास मंत्री एवं वनवासी क्षेत्रों में शिक्षा, संस्कार, स्वास्थ्य-जागरूकता, स्वावलंबन तथा सामाजिक चेतना के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। एकल अभियान का कार्य ग्रामीण एवं वनवासी समाज के बीच शिक्षा और सामाजिक विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
समारोह में माननीय राज्यपाल महोदय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में एकल अभियान के केंद्रीय अभियान प्रमुख डॉ. ललन शर्मा, आईआईटी (आईएसएम), धनबाद के निदेशक प्रो. (डॉ.) सुकुमार मिश्रा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यवाह श्री संजय कुमार तथा श्री नरसिंह बाँध बालाजी धाम, बरनपुर के परम पूजनीय संतोष भाईजी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह में गणमान्य अतिथियों के रूप में प्रो. (डॉ.) धीरज कुमार, निदेशक—TEXMIN, IIT (ISM), धनबाद; श्री हरेन्द्र सिंह, निदेशक—असर्फी हॉस्पिटल, धनबाद; श्री शंभू नाथ अग्रवाल, एमडी—शिव शंभू ग्रुप सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत और पारंपरिक दीप प्रज्वलन व मंगलाचरण के साथ हुई। इसके बाद उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों और अतिथियों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। एकल अभियान के ध्येय वंदन के साथ अतिथियों का स्वागत भाषण हुआ और अभियान के मुख्य उद्देश्यों व परिचय से सभी को अवगत कराया गया।
उसके बाद सभी अतिथियों का सम्मान एकल अभियान के प्रतीक चिन्ह एवं एकल उत्पादन के सामग्री प्रदान कर किया गया । तत्पश्चात स्वागत भाषण वनबंधु परिषद के संरक्षक श्रीमान केदार मित्तल जी द्वारा दिया गया । इसके उपरांत श्रद्धेय मदनलाल अगरवाला जी का परिचय एवं एकल अभियान में उनके योगदान को श्री रमेश रीटोलिया जी ने प्रस्तुत की । एकल अभियान के राष्ट्रीय प्रमुख श्री लल्लन शर्मा ने समारोह को संबोधित करते हुए एकल अभियान के उद्देश्य, कार्यपद्धति तथा ग्रामीण एवं वनवासी क्षेत्रों में चल रहे सेवा कार्यों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कार्यकर्ताओं एवं आचार्यों को अभियान की वास्तविक शक्ति बताते हुए सेवा कार्य को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उनके संबोधन ने उपस्थित कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा एवं उत्साह का संचार किया। कार्यक्रम में उनके साथ एकल विद्यालयों के आचार्यों, व्यासों एवं अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया।
इसके उपरांत IIT (ISM), धनबाद संस्थान के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। IIT (ISM) धनबाद की शैक्षणिक एवं सामाजिक गतिविधियों की व्यापक पृष्ठभूमि में यह आयोजन शिक्षा और सामाजिक सेवा के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण अवसर रहा। प्रो. सुकुमार मिश्रा ने कहा कि किसी भी समाज के स्थायी विकास की आधारशिला शिक्षा और संस्कार हैं। एकल अभियान के आचार्य दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनमें संस्कार, अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का कार्य कर रहे हैं।
समारोह में एकल अभियान की पंचमुखी शिक्षा व्यवस्था एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न आयामों पर भी चर्चा हुई। शिक्षा के साथ स्वास्थ्य-जागरूकता, स्वावलंबन, संस्कार एवं सामाजिक चेतना के माध्यम से गांवों को सशक्त बनाने के प्रयासों को रेखांकित किया गया।
इसके उपरांत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यालय श्री संजय कुमार ने संघ के शताब्दी अवसर के उपलक्ष पर पंचप्रण अर्थात सामाजिक समरसता, पर्यावरण, परिवार संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन एवं सामाजिक जिम्मेवारी पर चर्चा की।
450 कार्यकर्ताओं, आचार्यों एवं व्यासों का सम्मान
समारोह का प्रमुख आकर्षण एकल अभियान से जुड़े 450 कार्यकर्ताओं, आचार्यों एवं व्यासों का सम्मान रहा। सम्मानित होने वाले आचार्य एवं कार्यकर्ता ग्रामीण और वनवासी क्षेत्रों में शिक्षा तथा संस्कार के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मंच पर माननीय राज्यपाल महोदय जी द्वारा विशिष्ट योगदान देने वाले 35 कार्यकर्ताओं आचार्य एवं व्यासों का सम्मान किया गया।
समारोह में बड़ी संख्या में एकल अभियान से जुड़े कार्यकर्ता, आचार्य, व्यास, पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सम्मान प्राप्त करने वाले कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम के दौरान एकल अभियान के प्रति लोगों की प्रतिबद्धता और ग्रामीण एवं वनवासी समाज के उत्थान के लिए सामूहिक प्रयासों का संकल्प भी व्यक्त किया गया।
राज्यपाल ने किया कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन
मुख्य अतिथि माननीय राज्यपाल महोदय ने अपने संबोधन में सेवा, संस्कार, शिक्षा एवं सामाजिक दायित्व के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने एकल अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं एवं आचार्यों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा एवं जागरूकता का कार्य राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।
उन्होंने सम्मानित होने वाले सभी कार्यकर्ताओं एवं आचार्यों को शुभकामनाएं देते हुए समाजहित में इसी प्रकार निरंतर कार्य करते रहने का आह्वान किया। समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा एवं विकास की पहुंच सुनिश्चित करना सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे कार्यकर्ताओं का सम्मान केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि समाज के प्रति उनकी सेवा और प्रतिबद्धता का सम्मान है।
माननीय राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए शिक्षा के साथ संस्कार, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य की भावना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास के साथ परिवार और समाज में संस्कारयुक्त शिक्षा पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने एकल अभियान द्वारा दूरदराज के गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार, स्वावलंबन एवं सामाजिक जागरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। समाज का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से होता है। उन्होंने सम्मानित आचार्यों, व्यासों और कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए उनके सेवा-समर्पण को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।
समारोह के अंत में आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों, एकल अभियान के सभी सदस्यों, प्रशासनिक अधिकारियों, प्रेस मीडिया के सभी सदस्य, IIT(ISM) के अधिकारी, अतिथियों, कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित नागरिकों के प्रति वन बंधु परिषद के अध्यक्ष श्री अजय अग्रवाल जी द्वारा आभार व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम ने सेवा, संस्कार, शिक्षा और सामाजिक समरसता के संदेश को प्रभावी रूप से समाज तक पहुंचाया। एकल अभियान का यह सम्मान समारोह उन अनगिनत कार्यकर्ताओं के प्रति कृतज्ञता की अभिव्यक्ति रहा, जो समाज के दूरस्थ क्षेत्रों में निरंतर सेवा कार्य करते हुए शिक्षा एवं संस्कार की ज्योति प्रज्वलित कर रहे हैं। मौके पर ललन शर्मा जी, केदारनाथ मित्तल जी, केशव हड़ोदिया जी, अजय अग्रवाल जी, सोमनाथ पूर्ति जी, रोहित प्रसाद जी, रचना अग्रवाल जी,अन्नपूर्णा हरोदियाजी, निशा तुलसियान जी, रीता अग्रवाल जी, शेखर शर्मा जी, के. के. मिश्रा जी, सतेंद्र अम्बष्ट जी, कृष्ण लाल रुंगटा जी, दीपा तुलस्यान, रितु खेमका, बलराम अग्रवाल जी, बसंत हेलीवाल, रविंद्र ओझा जी, नितिन हरोदिया जी, आयुष तिवारी जी, रोहित भारती जी, अंकित पांडे जी हर्षित पांडे जी, निखिल जी, खुशी दीदी, रेणु दीदी, संजय साहू जी, जीतलाल हांसदा जी, अशोक महतो जी, धनंजय दास जी, अभय प्रसाद जी, एकल फ्यूचर की टीम इत्यादि समिति एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।कार्यक्रम का संचालन श्री संजय साहू जी एवं अनामिका तुलस्यान जी द्वारा किया गया।








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