धनबाद। आम आदमी पार्टी झारखंड के प्रदेश प्रवक्ता भास्कर सुमन ने केंद्र सरकार द्वारा खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम में किए गए संशोधन का विरोध करते हुए कहा कि यह संशोधन झारखंड जैसे खनिज संपदा से समृद्ध राज्य के अधिकारों और आर्थिक हितों को कमजोर करने वाला है। भास्कर सुमन ने कहा कि झारखंड की धरती में कोयला, लौह अयस्क सहित अनेक बहुमूल्य खनिज प्रचुर मात्रा में हैं। इन खनिजों ने देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लेकिन जिस राज्य की धरती से खनिज निकाले जाते हैं और जिसकी जनता खनन के दुष्प्रभावों को झेलती है, उसी राज्य के अधिकारों को सीमित करना संघीय व्यवस्था की भावना के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम में किया गया संशोधन राज्यों के खनिज अधिकारों और राजस्व से जुड़े विषयों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। खनिज संपदा झारखंड की जनता की प्राकृतिक संपत्ति है। खनन के कारण स्थानीय लोगों को विस्थापन, प्रदूषण, भू-धंसान, रोजगार और पुनर्वास जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। भास्कर सुमन ने कहा कि केंद्र सरकार को राज्यों के अधिकारों को सीमित करने के बजाय उन्हें मजबूत करना चाहिए। झारखंड अपने प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित राजस्व और अधिकारों का उपयोग राज्य के विकास तथा जनता के कल्याण के लिए कर सके, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, रोजगार और पुनर्वास से जुड़ी अनेक समस्याएं मौजूद हैं। इसलिए खनिज संपदा से प्राप्त धन का उपयोग सबसे पहले उन लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में होना चाहिए, जिनकी जमीन और जीवन खनन से प्रभावित होते हैं। आम आदमी पार्टी की मांग है कि खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम में किए गए संशोधन के उन प्रावधानों पर पुनर्विचार किया जाए, जो राज्यों के अधिकारों को सीमित करते हैं । झारखंड की खनिज संपदा से प्राप्त राजस्व में राज्य और स्थानीय जनता के हितों को प्राथमिकता दी जाए। खनन से प्रभावित परिवारों के उचित पुनर्वास और रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए उपलब्ध धनराशि का पारदर्शी और प्रभावी उपयोग किया जाए ।झारखंड के लंबित खनिज राजस्व का बकाया राशि 1,36,000 करोड़ रुपए शीघ्र निर्गत किया जाय। भास्कर सुमन ने कहा कि झारखंड की धरती के नीचे मौजूद खनिज केवल देश के उद्योगों के लिए कच्चा माल नहीं हैं, बल्कि झारखंड की जनता के भविष्य की संपत्ति हैं। इस संपदा पर झारखंड के संवैधानिक और आर्थिक अधिकारों की रक्षा के लिए आम आदमी पार्टी लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी। इस मांग को ले कर आम आदमी पार्टी अगले कुछ दिनों तक झारखंड के एक एक जिलों में कार्यक्रम कर जनता को जागरूक करने और झारखंड के अधिकार को ले कर केन्द्र सरकार के खिलाफ आंदोलन करने को ले कर जागरूक करने की बात करेगी।
“झारखंड की खनिज संपदा से झारखंड का विकास होना चाहिए, झारखंड के अधिकारों का विनाश नहीं।




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