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झरिया कोयला क्षेत्र में 110 साल पुराने भूमिगत कोयला आग कि स्मरण में बच्चों और लोगों ने “अग्नि वंदना” नामक एक कार्यक्रम आयोजित किया





धनबाद।  झरिया कोयला क्षेत्र में 110 साल पुराने भूमिगत कोयला आग कि स्मरण करवाने हेतु, झरिया के बच्चों और लोगों ने “अग्नि वंदना” नामक एक कार्यक्रम आयोजित किया।यह कार्यक्रम प्रार्थना , संगीत, नृत्य और श्लोगन के माध्यम से सदियों पुराने कोयला आग को समर्पित था।कार्यक्रम मोहरीबांध (घोनुडीह के पास) अग्नि प्रभावित क्षेत्र के पास शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया गया। सामाजिक संगठन "इंस्टीट्यूशन नेशनल एमिटी (INA)" लगातार 6वे वर्ष से 31 अक्टूबर को यह आयोजन कर रहा है। कोलफील्ड चिल्ड्रन क्लासेस (CCC) के छात्र- छात्राओं जो कोयला के पास रहते हैं और आग के कारण अधिक प्रभावित हुए हैं, उन्होंने जागरूकता पैदा करने के लिए नृत्य प्रस्तुत किया। उन्होंने नारे लगाए "झरिया केवल उर्जा भूमि नहीं है, यह हमारी मातृभूमि है" और "अग्निदेव बस करो – झरिया को सुरक्षित करो"। केंडुआ की बालिकाओं नंदनी कुमारी, चांदनी कुमारी, मुस्कान कुमारी और दुर्गा कुमारी ने रबिन्द्रनाथ टैगोर के गीत " आगुन जालो आगुन जालो " पर सुरक्षा दूरी पर आग के पास खूबसूरत नृत्य प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में एक प्रार्थना सेवा का आयोजन किया गया, जिसमें तीस से अधिक बच्चों ने भाग लिया। बच्चों ने मिट्टी के दीए लाए और उन्हें अपने हाथों से आग के पास जलाया। कोयले की आग की 110 वर्षों की स्मृति में 110 मिट्टी के दीए जलाए गए। झारिया के सामाजिक कार्यकर्ता पिनाकी रॉय ने कहा, “यह कार्यक्रम झारिया के लोगों और शताब्दी पुरानी कोयले की आग के बीच के संबंध को दर्शाता है, कोयले की आग झारिया को विश्व प्रसिद्ध बनाती है। इतनी कोयले की खपत के बाद भी झारिया कोयला उत्पादन जारी रखेगा, लेकिन सरकार झारिया के लोगों के स्वास्थ्य की परवाह नहीं कर रही है। लापरवाह खनन झारिया को बर्बाद कर रहा है। झारिया केवल ऊर्जा भूमि नहीं है, यह लाखों लोगों के लिए मातृभूमि है।” छात्रों ने गीत गाया, “ हमलोग है कोलफील्ड के जेन जी हमलोग तो सीसीसी"।मुख्य अतिथि महेंद्र सिंह मीनू ने कहा, “25 साल पहले पूर्व राष्ट्रपति स्व. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने कहा था कि झारिया की आग को रोका जा सकता है। अब एक बड़ा क्षेत्र आग मुक्त है। कोयला कंपनी को झारिया को तुरंत प्रदूषण मुक्त बनाना होगा।”  पिनाकी रॉय, महेन्द्र सिंह मिनू, मोसुमी रॉय, ललित बहल, सौम्यदीप कुंडु के अलावा कॉलेज के छात्र और स्थानीय लोग इकट्ठा हुए। राज वीर कुमार, सिमरन कुआरी, सुनायना कुमारी, गुंजन कुमारी, नंदनी कुमारी, राजू कुमार, जीवन कुमार, राहुल कुमार, विवेक कुमार, अंग्शु कुमार, तानिया कुमारी, अंजलि कुमारी, किंजल कुमारी,रमेश कुमार आदि मौजूद थे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान “जन गण मन” के साथ हुआ।

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