Hot Posts

6/recent/ticker-posts

झारखंड बांग्ला भाषा उन्नयन समिति ने 26 जातियों की मातृभाषा बांग्ला भाषा को पठन-पाठन में शामिल करने का मांग किया

 


धनबाद। झारखंड बांग्ला भाषा उन्नयन समिति की बैठक बलियापुर ऊपर कुली शिव मंदिर प्रांगण में पूर्व मुखिया नीलिमा गोराई के अध्यक्षता में हुई। बैठक में महिला समिति ने एक स्वर में कहा कि यहां के बांग्ला भाषा के छात्र-छात्राएं मातृभाषा में कैसे पढ़ाई करें। उन्होंने सरकार से मांग किया कि वर्तमान समय में केंद्र सरकार के आदेश अनुसार हर भाषा के मातृभाषा में एक विषय का पठन-पाठन अनिवार्य है और झारखंड में 26 जातियों की मातृभाषा बांग्ला भाषा है इसको लेकर महिला समिति ने निर्णय लिया कि 26 जातियों की मातृभाषा को अविलंब लागू किया जाए अन्यथा समिति आंदोलन को बाध्य होगी। बैठक में संस्थापक सदस्य बेंगू ठाकुर, कविता देवी, नितरानी पाल, सविता देवी, तुलसी देवी, रीता चक्रवर्ती, कनिका देवी एवं अन्य उपस्थित थे।

Post a Comment

0 Comments