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एएनएए–टीजी के अहमदाबाद रीयूनियन में जुटे डी नोबिली स्कूल के पूर्व छात्र, ताजा हुईं सुनहरी यादें

 


धनबाद। अहमदाबाद में ऑल नोबिलियंस अचीवर्स एसोसिएशन – द ग्लोबल (एएनएए–टीजी) के मंच पर झारखंड के धनबाद स्थित प्रतिष्ठित डी नोबिली स्कूल की विभिन्न शाखाओं — सीएमआरआई, मुगमा, डिगवाडीह और सिजुआ — के पूर्व छात्रों का विशेष मिलन समारोह आयोजित किया गया।अहमदाबाद के प्रसिद्ध रेस्टोरेंट ‘प्रोजेक्ट ओटेंगा’ में आयोजित इस आत्मीय समारोह में वर्षों बाद एक-दूसरे से मिले पूर्व छात्रों ने अपने स्कूली जीवन की सुनहरी यादों, पुरानी मित्रता और अनकहे किस्सों को साझा किया। इस दौरान सभी पूर्व छात्र मानो एक बार फिर अपने विद्यालय के दिनों में लौट गए और पुरानी यादें ताजा हो उठीं। समारोह में कुल १५ पूर्व छात्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि डी नोबिली स्कूल डिगवाडीह की वर्ष १९७८ से १९८० तक भौतिकी की शिक्षिका रहीं श्रीमती गोपा घोष पाल थीं, जिन्हें पूर्व छात्रों की ओर से सम्मानित किया गया। इस सफल आयोजन को धरातल पर उतारने में एएनएए–टीजी की कोर टीम के सदस्यों श्री कुमार चौहान, १९८२ बैच, डी नोबिली सिजुआ; संस्थापक सदस्य श्री मयंक सिंह, आई.सी.एस.ई. १९९८; श्री पीयूष कुमार, वरिष्ठ भूविज्ञानी; श्री चिंतन गांधी, प्रदर्शनी एवं संग्रहालय डिज़ाइनर; तथा श्री अनूप गोपालका, १९८४ बैच, ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कोर टीम ने बताया कि एएनएए–टीजी का मुख्य उद्देश्य देश और विदेश के विभिन्न हिस्सों में रह रहे डी नोबिली स्कूल के पूर्व छात्रों को एक साझा मंच पर लाना, आपसी संबंधों को मजबूत करना, अनुभवों का आदान-प्रदान करना तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत पूर्व छात्र नेटवर्क तैयार करना है। समारोह की विशेषता यह रही कि इसमें शामिल पूर्व छात्र आज देश के विभिन्न प्रतिष्ठित क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें भारतीय वायु सेना के सेवानिवृत्त विंग कमांडर, प्रोफेसर, वरिष्ठ भूविज्ञानी, प्रदर्शनी एवं संग्रहालय डिज़ाइनर, कॉर्पोरेट क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी, रियल एस्टेट व्यवसायी और उद्यमी शामिल रहे।

प्रमुख पूर्व छात्र

• अनिमेष कुमार अग्रवाल — आई.एस.सी. १९९१; भारतीय वायु सेना के सेवानिवृत्त विंग कमांडर तथा वर्तमान में डिजिट्रूस प्राइवेट लिमिटेड में मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी।

• डॉ. नीलम क्षत्रिय — आई.सी.एस.ई. १९९४; नारायण बिजनेस स्कूल में एसोसिएट प्रोफेसर।

• कल्याण के. रॉय — आई.एस.सी. १९७३; सेवानिवृत्त।

• कृष्णानु पालित — आई.एस.सी.; डेलॉइट में प्रबंध निदेशक।


• मितुल कनानी — २००२; रियल एस्टेट व्यवसायी।


• सुबीर मित्र — आई.सी.एस.ई.; भारतीय विदेश व्यापार संस्थान, गांधीनगर में अतिथि संकाय सदस्य।


• पीयूष कुमार — वरिष्ठ भूविज्ञानी।


• चिंतन गांधी — प्रदर्शनी एवं संग्रहालय डिज़ाइनर।


• कुमार चौहान — १९८२ बैच, डी नोबिली सिजुआ; उद्यमी एवं व्यवसायी।


• मयंक सिंह — आई.सी.एस.ई. १९९८; भूविज्ञानी एवं एएनएए–टीजी के संस्थापक सदस्य।

कार्यक्रम के दौरान पूर्व छात्रों ने अपने छात्र जीवन से लेकर पेशेवर सफर तक के अनुभव साझा किए। विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत पूर्व छात्रों ने एक-दूसरे की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की और भविष्य में भी आपसी सहयोग एवं संपर्क बनाए रखने पर जोर दिया। समारोह के अंत में सभी सदस्यों ने एक-दूसरे के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी ऐसे मिलन समारोह नियमित रूप से आयोजित करने और डी नोबिली विद्यालय एवं समाज से जुड़े सकारात्मक कार्यों में अपना योगदान देने का संकल्प लिया। अहमदाबाद का यह रीयूनियन एक बार फिर इस भावना को जीवंत कर गया कि विद्यालय से जुड़ा रिश्ता केवल छात्र जीवन तक सीमित नहीं होता। वर्षों और दशकों बाद भी अपने सहपाठियों और शिक्षकों से मिलने पर वही अपनापन, वही मित्रता और वही पुरानी यादें फिर से जीवंत हो उठती हैं।


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