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दी आर्ट ऑफ लिविंग की चार दिवसीय समर कैंप हजारीबाग में बच्चों ने स्टेज फीअर, इगजाम प्रेशर, कंसंट्रेशन प्राणायाम, मानवीय मूल्यों के गुर सीखा



धनबाद। हजारीबाग में दी आर्ट ऑफ लिविंग की चिल्ड्रन एंड टींस की समर कैंप मे पांच से अठारह वर्ष के कई बच्चो ने भाग लिया। आठ से १३ वर्ष के बच्चो ने उत्कर्ष योगा, १३ से १८ वर्षो के किशोरो ने मेधा योगा-1 और अपनी प्रज्ञा (थर्ड आई एक्टिवेशन) को और तीक्ष्ण व सहज करने के लिए ५ से १८ वर्षो के बच्चो ने इंटूशन प्रोसेस कार्यशाला मे बढ़ चढ़ के सम्मिलित हुए। हजारीबाग मे सर्वप्रथम बार झारखंड चिल्ड्रन एंड टींस कोऑर्डिनेटर सोनाली सिंह और मयंक सिंह ने एक साथ कार्यशाला का नेतृत्व किया। चार दिनों के समर कैंप मे बच्चो ने  प्राणायाम, योग, ध्यान के साथ आर्ट ऑफ़ लिविंग की अनूठी लयबद्ध साँस प्रक्रिया - सुदर्शन क्रिया को सीखा। स्टेज फीअर, इगजाम प्रेशर, कंसंट्रेशन प्राणायाम, मानवीय मूल्यों और व्यक्तिव विकास की गुर जाना। फन विथ एक्टिविटी, नॉन फायर कुकिंग, ट्रैकिंग, कई गेम्स इत्यादि किया। अत्यंत सरल व सहजतापूर्ण बच्चो ने कैंप मे जीवन की महत्वपूर्ण व रोचक तथ्य को समझा। सभी बच्चो ने खूब आनंद उठाया और उनके माता पिता भी अत्यंत प्रसन्न हुए और आगे भी बच्चों को ध्यान, ज्ञान, प्राणायाम से जुड़े रहने की आवश्यकता जताई। एंजिल्स हाई, होली क्रॉस,  नैशनल पब्लिक, सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, विवेकानंद सेंट्रल, डीएवी केनरी, सेंट जेवियर्स विद्यालय इत्यादि के कक्षा २ से १२ के छात्र, छात्राएं भाग लिया। कार्यशाला मे आर्यन, गौरीश, तन्मय, रिया, लया, अविका, ऐधा, अभिषेक, अमित, लावण्या, उत्कर्ष, अनुराग, अचिन्त्य, मयंक, महक, पंखुड़ी, सुयश, हर्षवर्धन, ओम, सिद्धार्थ, युवराज इत्यादि ने भाग लिया।

इनकी रही सहभागिता

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में हजारीबाग की टीएओएल प्रशिक्षिका पूनम जैसवाल, दिविता चौरसिया, तारकेश्वर सोनी, पूनम कुमारी, वालंटियर तन्मय सोनी, वंदना सिंह, नीलम, ललन, आशीष इत्यादि का महत्तवपूर्ण योगदान रहा।

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