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एमएसएमई में आने वाले उद्योगों को स्थानीय नियोजन अधिनियम से बाहर रखने की मांग राज्य सरकार से करेगी जीटा



    


 JITA के चिरकुण्डा - निरसा एवं गिरिडीह चैप्टर की शुरुआत होगी

धनबाद। झारखण्ड इण्डस्ट्रीज एण्ड ट्रेड एसोसिएशन के कार्यकारणी समिति की बैठक  अमितेष सहाय  की अध्यक्षता में मैथन सिरॉमिक प्रा0 लि0 के कार्यालय परिसर में सम्पन्न हुई।  बैठक में  झारखण्ड सरकार के स्थानीय नियोजन अधिनियम 2021 पर चर्चा हुई जिसमें सर्व सम्मति से यह निर्णय लिया कि एमएसएमई अन्तर्गत आने वाले उद्योगों को स्थानीय नियोजन अधिनियम से बाहर रखने की मांग राज्य सरकार से मिलकर करेगें और आग्रह करेंगे कि पहले बड़े उद्योगों पर इसे लागू किया जाय। कानून नए होने के कारण अधिनियम के तहत लाभार्थियों को स्थानियता प्रमाण पत्र बनाने में काफी असुविधा हो रही है। सरकार के पदाधिकारीगण स्वंय निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। इस संदर्भ में उपायुक्त से मिलकर स्थिति से अवगत कराने का निर्णय लिया गया। धनबाद जिला में बिजली की व्यवस्था चरमराई हुई है। इस भीषण गर्मी में भी 24 घंटें में 8 से 10 घंटें भी निर्वाध बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। विभाग द्वारा जांच के नाम पर भयादोहन किया जा रहा है। इस संबंध में विभाग के उच्चाधिकारियों से मिलकर विरोध दर्ज कराया जाएगा। झारखण्ड इण्डस्ट्रीज एण्ड ट्रेड एसोसिएशन के भव्य कार्यालय हेतु स्थल चयन चिन्हित कर लिया गया है। उपस्थित सभी सदस्यों ने हर्षध्वनी से इसका स्वागत किया। जल्द ही JITA के चिरकुण्डा - निरसा एवं गिरिडीह चैप्टर की शुरुवात की जायेगी। इसके लिए चिरकुंडा - निरसा के लिए उपाध्यक्ष सुशील सिंह को तथा  बिरेन्द्र राय  गिरिडीह का प्रभारी बनाया गया है। इसके पूर्व मैथन सिरॉमिक लि0 ने पर्यावरण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में अतिथि के रूप में शामिल हुए जीटा के अध्यक्ष अमितेश सहाय  महासचिव राजीव शर्मा शामिल हुए। अध्यक्ष अमितेष सहाय ने बताया कि पर्यावरण दिवस साल 1972 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा अनुसूचित किया गया था। जिसके दौरान आम लोगों को पर्यावरण के महत्व को समझाने व उसकी सुरक्षा के बारे में जागरूक करने का मुददा उठाया गया था। दुनिया भर के सभी देशों ने इस उत्सव के उत्साह के साथ इसे मनाया। हमने अपनी गलतियों के कारण ग्लोवल वार्मिग, जलवायु परिर्वतन, जैव विविधता, और स्थलांतरण समस्याओं से जुझ रहे हैं, जिससे हमारे स्वास्थ्य पर प्रतिकुल प्रभाव पड़ रहा है। हम सभी संगठित होकर पर्यावरण के लिए एक साथ काम कर सकते हैं और प्रकृति को संरक्षित रखने में सक्षम हैं। इस पर्यावरण दिवस पर हम सभी को इस संदेश को सबको समझना चाहिए कि हम सभी जिम्मेदार लोग  है उपरोक्त समस्याओं के खिलाफ लड़े और सुरक्षित स्वस्थ्य और साफ सुथरे वातावरण के लिए प्रयास करें। महासचिव राजीव शर्मा ने कोयलांचल में पर्यावरण प्रदूषण की विकट स्थिति के बारे में बताया कि इस कोयलांचल में खुली खदान द्वारा उत्खनन से ना सिर्फ वायु प्रदूषण, जल प्रदुषण अपितु मिटटी चरण से इस क्षेत्र के ECOSYSTEM को खतरा उत्पन्न हो गया है। आवश्यकता है खनन कंपनियों को खनन उत्पादन के नई तकनिकों का इस्तेमाल और इस क्षेत्र में अग्नि एवं भूधसान से प्रभावित लोगों के बेहतर जगह पुनर्वासित करना। राजीव शर्मा ने मैथन सिरॉमिक के  MD  विशाल अग्रवाल को एक बेहतर आयोजन के लिए धन्यवाद देते हुए पर्यावरण दिवस पर सभी से पेंड़ लगाने और उसे बचाने की पहल करने का आग्रह किया। कोषाध्यक्ष नन्दलाल अग्रवाल ने घरों में उपयोग में लिये जाने वाले फल जैसे आम, अमरूद, नीबु आदि के बीजों को संरक्षित कर बरसात के दिनों मे रोपने से से बेहतर बृक्ष तैयार होतें हैं। बैठक के अन्त में  केदार मित्तल ने धन्यवाद ज्ञापन देकर बैठक समापन की घोषणा की ।              बैठक में मुख्य रूप से जीटा के  उपाध्यक्ष गगन दुदानी, दिवेन तिवारी, बिरेन्द्र राय, उपाध्यक्ष  सुशील सिंह, उपाध्यक्ष विषाल अग्रवाल, अजय शर्मा आदि उपस्थित थे।

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