धनबाद। जन संघर्ष मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष विक्रम कुमार महतो ने गांधी सेवा सदन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर न्यू मधुबन कोल वाशरी निर्माण में लगभग 300 करोड़ की पब्लिक धनराशि की सुरक्षा हेतु सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग किया। उन्होंने बताया कि बीसीसीएल ने एचईसी राँची को वर्ष 2012 में न्यू मधुबन कोल वाशरी निर्माण का लगभग 290 करोड रुपये का कार्य-आदेश दिया था। इस कार्य को एचईसी द्वारा जून 2014 /अगस्त 2015 तक पूरा करना था। एचईसी ने अपने पार्टनर के रूप में डिजाइन, टेक्नोलॉजी, उपकरण आपूर्ति, परफॉर्मेंस गारंटी टेस्ट आदि हेतु (जर्मन चाइना आधारित कंपनी) शेन्च्क (schenck) प्रोसेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड तथा प्रोजेक्ट के पूरा होने व हैंड-ओवर हो जाने के बाद आगामी 10 वर्षों तक वासरी के ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस कार्य हेतु चेन्नई राधा इंजीनियरिंग वर्क्स को रखा ।परंतु येन केन प्रकारेण या कुछेक उचित अथवा अनुचित कारणों से अनावश्यक रुप से लगभग 8 वर्षों का अनुचित विलम्ब हुआ और यह कार्य 2022 में एचईसी द्वारा अंशतः (लगभग 95%) पूरा हुआ।
काम को कंप्लीट दिखाकर कोयला मंत्री से उद्घाटन करवाया गया
संभवतः कोरे कागज के पन्नों में (फाइल में) इस कार्य को 2022 में कम्प्लीट दिखाया गया और मार्च 2022 में भारत सरकार के केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राज्यमंत्री रावसाहेब पाटील दानवे, कोयला सचिव डॉक्टर अनिल कुमार जैन, कोल इंडिया के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल एवं अन्य पदाधिकारियों की उपस्थिति में इसका ऑनलाइन उद्घाटन भी कर दिया। यही नहीं, इस समारोह का लाइव प्रसारण कोयला भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल में बीसीसीएल के सीएमडी समीरन दत्ता, निदेशक तकनीकी (संचालन) संजय कुमार सिंह, चीफ विजिलेंस ऑफिसर कुमार अनिमेष, निदेशक कार्मिक पी वी के आर एम राव जैसे उच्च पदाधिकारियों सहित बीसीसीएल के तमाम जीएम की उपस्थिति में किया गया। ऑनलाइन उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री व वक्ताओं द्वारा आत्मनिर्भर भारत निर्माण की दुहाई देते हुए विदेशी मुद्रा की बचत सहित तमाम आंकड़े प्रस्तुत किए गए परंतु आश्चर्य जनक तथ्य यह है कि यह कोल वाशरी पूरी तरह उस समय चालू ही नही हुई थी और अभी तक पीजी टेस्ट नहीं हो पाने के कारण वाशरी में कोई उत्पादन नही हो रहा है। तात्पर्य यह है कि एक गैर कार्यान्वित (non functional)प्रोजेक्ट का केंद्रीय मंत्री से उद्घाटन करा दिया गया,जो उस समय भी गैर कार्यान्वित था और आज भी नन फंक्शनल है। प्रश्न उठता है आखिर क्यों और किस उद्देश्य से ऐसा किया गया? मात्र केंद्रीय मंत्री या सीआईएल/बीसीसीएल ही इसका स्पष्टीकरण दे सकते हैं।लेकिन यह तो तय है की कहीं ना कहीं कोई बड़ी भूल है या कहा जा सकता है कि बीसीसीएल अथवा सीआईएल के उच्च पदाधिकारियों के गलत मंशा सहित अनुचित गठजोड़ के कारण यह संभव हो सका।प्राप्त जानकारी के अनुसार,सेंक प्रोसेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड एवं एचईसी के बीच भुगतान विवाद के मुद्दे पर सेंक प्रोसेस कंपनी ने एचईसी के खिलाफ कमर्शियल सूट भी कोर्ट में फाइल किया है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, बीसीसीएल ने एचईसी को (नोटिस मिलने के) एक माह के अंदर पीजी टेस्ट कर लेने का एक निर्णायक नोटिस 13-06-2023 को दिया है। एचएससी को बीसीसीएल से लगभग 250 करोड़ का भुगतान भी हो चुका है। प्रश्न उठता है कि केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी द्वारा इसका उद्घाटन क्यों कर दिया गया? या तो बीसीसीएल/सीआईएल ने केंद्रीय मंत्री एवं सम्बद्ध ब्यूरोक्रेट्स को गलत सूचना (इंफॉर्मेशन) दी अथवा मंत्री एवं ब्यूरोक्रेट्स को इसकी जानकारी थी ? यह बहुत खेद जनक एवं विवादास्पद स्थिति है। इसकी वजह से राष्ट्रहित कुप्रभावित हो रहा है,सार्वजनिक धनराशि (पब्लिक मनी) की झांसे के झरोखे से ठगी होती प्रतीत हो रही है जो अभी भी जारी है। कौन है जिम्मेवार है इसका? कैसे होगा इसका समाधान व सार्वजनिक क्षति की भरपाई? आज यह एक विशाल यक्ष प्रश्न है कि कौन है जिम्मेदार बीसीसीएल या कोल इंडिया लिमिटेड या कोयला सचिव या केंद्रीय कोयला मंत्री? यह प्रश्न चिन्ह आज भी खड़ा है- हकीकत में कौन है उत्तरदायी और राष्ट्रहित में राष्ट्रीय प्रगति के निमित्त अति सदुपयोगी इस प्रोजेक्ट का ऑपरेशन कब शुरु हो सकेगा? क्या केंद्र सरकार सार्वजनिक धनराशि (पब्लिक मनी) की सुरक्षा एवं समुचित उपयोग/ सदुपयोग के औचित्य का मार्ग प्रशस्त करने के निमित्त इन दो सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों के बीच के कशमकश या विवाद में सार्थक व निर्णायक हस्तक्षेप करेगी?ताकि राष्ट्र को विदेशी मुद्रा की बचत सहित नियोजन एवं विकास का नया आयाम मिल सके और सार्वजनिक धनराशि का सार्थक उपयोग साबित हो सके। वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में उभरती परस्पर अस्वस्थ प्रतियोगिता व प्रतिद्वंदिता, समाज में व्याप्त कुरीतियों- ढोंगी परंपराओं तथा केंद्रीय /सरकारी/ अर्ध सरकारी/ सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों एवं निजी संस्थानों में व्याप्त भ्रष्टाचार, पदाधिकारियों के नापाक गठजोड़ एवं अनियमितता के विरुद्ध हर जागरूक नागरिक का कर्तव्य है की यथासंभव उचित प्लेटफार्म पर उसकी आवाज उठाएं। अन्याय करने से कम जिम्मेवार अन्याय सहने वाला नहीं होता। इन्हीं सब कारणों से, वर्तमान सामाजिक परिदृश्य में जन संघर्ष मोर्चा के उद्देश्य/इसकी स्थापना के उद्देश्य को व्यवहारिक धरातल प्रदान करने के निमित्त इसके सांगठनिक विस्तार को मूर्त रूप देने हेतु धनबाद जिला इकाई का गठन करने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में इसकी जवाबदेही मोर्चा के वर्तमान धनबाद जिला प्रभारी पप्पू कुमार की है। शीघ्र ही नई कमेटी का गठन विभिन्न विधाओं, औद्योगीक संगठनों, निकायों में व्याप्त अनिमितता सह आम जनता की समस्या के समाधान हेतु मोर्चा के सांगठनिक पदाधिकारियों का गठन किया जाएगा। प्रेसवार्ता में मौजूद संयोजक अखिलेश सिंह, गोपाल शाह, पप्पू पंडित, नीरज कुमार गुप्ता, हरे राम पंडित, प्रदीप सिंह, करमचंद गोप आदि मौजूद थे।


.jpeg)
.jpeg)
0 Comments