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काला हीरा 2023 के बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट एक्टर बने सैकत चट्टोपाध्याय बेस्ट एक्ट्रेस का ताज प्रिया राय के सिर सजा,नाटक विधा में एक अजनबी रही अव्वल तो जूनियर डांस कैटेगरी में जैक एंड जील धनबाद बनी विजेता, कभी अलविदा ना कहना गीत के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन

 


धनबाद। सोमवार को कोयलांचल भारत कोकिंग कोल नृत्य संगीत एवं नाट्य संघ के काला हीरा के सातवें ऑल इंडिया मल्टी लिंगुअल डांस, ड्रामा एंड म्यूजिक कंपटीशन का कोयला नगर, कम्युनिटी हॉल में पुरस्कार वितरण सह सम्मान समारोह के भव्य आयोजन  के साथ  समापन हुआ। सम्मान और स्वागत कार्यक्रम के बाद सभी विजेता टीमों एवं विजेता कलाकारों की घोषणा कर पुरस्कार वितरित किया गया। बेस्ट नाटक का अवार्ड मासूम आर्ट, डाल्टनगंज के एक अजनबी नाटक को मिला। दूसरा पुरस्कार यूथ थिएटर ग्रुप शाहजहांपुर को अ काइंड ऑफ प्रेगनेंसी एवं तृतीय पुरस्कार श्री जगन्नाथ परिषद के लोभ को मिला। बेस्ट डायरेक्टर का प्रथम अवार्ड मासूम आर्ट डाल्टनगंज के निर्देशक सैकत चट्टोपाध्याय को मिला,  द्वितीय अवार्ड होराइजन आर्टिस्ट जोन आसाम के द सेकंड जेनरेशन के निर्देशिका अनुरूपा देका राजा और तृतीय अवार्ड यूथ थिएटर ग्रुप के काइंड ऑफ प्रेगनेंसी के सदन खान को मिला। बेस्ट हीरो का अवार्ड मासूम आर्ट डाल्टनगंज के सैकत चट्टोपाध्याय को एक अजनबी में दमदार अभिनय के लिए मिला और बेस्ट एक्ट्रेस  का अवार्ड यूथ थिएटर ग्रुप के अ काइंड ऑफ प्रेगनेंसी में शानदार अभिनय के लिए प्रिया राय को मिला। नृत्य के सीनियर कैटेगरी में कलानिकेतन सिवान को प्रथम और हुनर संस्थान आजमगढ़ को द्वितीय पुरस्कार मिला। जूनियर डांस कैटेगरी में  जैक एंड जील अकैडमी धनबाद  को प्रथम पुरस्कार और नूपुर डांस अकैडमी को  द्वितीय पुरस्कार मिला। सब जूनियर डांस कैटेगरी में सम्राट डांस एकेडमी गिरिडीह को प्रथम तथा नूपुर डांस अकैडमी धनबाद को द्वितीय पुरस्कार मिला।समापन समारोह के मुख्य अतिथि धनबाद विधायक राज सिन्हा और बीसीसीएल के डायरेक्टर पर्सनल डायरेक्टर मुरली कृष्ण रमैया उपस्थित हुए। सभी अतिथियों को पुष्प गुच्छ एवं अंग वस्त्र देकर काला हीरा टीम ने गर्मजोशी से स्वागत कर सम्मानित किया। 

शानदार प्रस्तुति देकर कलाकारो ने धनबाद का मान बढ़ाया है -राज सिन्हा

विधायक राज सिन्हा ने काला हीरा के निर्देशक राजेंद्र प्रसाद की भूरी भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा मैं काला हीरा महोत्सव की दिल से प्रशंसा करता हूं। इसके कारण पूरे देश के कलाकार आकर यहां अपना शानदार परफॉर्मेंस देते हैं और साथ ही काला  हीरा रूपी प्रतिभावान कलाकारों को इस मंच से तलाशना शुरू किया है जिसमें काला काफी सफल रहा है। उन्होंने कहा देश के कई राज्यों से आए नाट्य संस्थाएं एवं कलाकारों को बधाई देता हूं और धनबाद की धरती पर स्वागत करता हूं। धनबाद के काला हीरा के मंच पर अपनी शानदार प्रस्तुति देकर धनबाद का मान बढ़ाया है इसके लिए सभी प्रांतों के कलाकारों को हार्दिक बधाई और अभिनंदन। उन्होंने कहा इस तरह सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन और निष्पक्ष कंपटीशन वर्तमान में बहुत कम हो गई है जिससे कलाकारों की चुनौती और सही मंच चयन करने की असमंजस बढ़ी है,लेकिन काला हीरा ने सफलतापूर्वक सारे चुनौतियों को पार करते हुए बहुत प्रयासों और हिम्मत से लगातार सातवां महोत्सव काफी सफल एवं भव्य आयोजन किया है इसके लिए मैं हार्दिक रूप से बधाई देता हूं और साथ ही काला हीरा को 25 वीं वर्षगांठ उससे आगे 50 वीं वर्षगांठ और उससे भी बढ़कर अमृत महोत्सव मानने की  शुभकामनाएं देता हूं। आगे उन्होंने कहा काला हीरा कार्यक्रम इस कोयलांचल से काला हीरा रूपी कलाकार निकालने का कार्य निरंतर ज़ारी है। यह बहुत बड़ी और  गर्व की बात है। उन्होंने  गायक रविकांत कुमार के गाए पुराने गीत,,, ये रेशमी जुल्फें यह शरबती आंखें.. ओ दुनिया के रखवाले.. गाने को बहुत पसंद किया और कहा कि इस दौरान वे पुराने गानों और महान गायकों के विलक्षण गायकी के अतीत में खो गए थे। उन्होंने रविकांत से कहा कि इस कठिन गीत को इतनी अच्छी तरह से अपने गाया है यह बहुत बड़ी बात है।  काला हीरा ने सैकड़ों हीरो को तराशा और तलाशा है उनमें से एक रविकांत हैं। मंच से उन्होंने अपना पसंदीदा गीत गुनगुनाया।

आयोजन से चेहरे पर खुशियां झलकी है बीसीसीएल के लिए सबसे बड़ी संतोषप्रद बात-मुरली कृष्ण रमैया

बीसीसीएल के पर्सनल डायरेक्टर मुरली कृष्ण रमैया कलाकारों का हुनर देख काफी प्रभावित और आश्चर्यचकित थे। उन्होंने बिहार की झांकी कार्यक्रम को देखा और कलाकारों की तारीफ की। उन्होंने कहा काला हीरा को मैं इस शानदार और भव्य आयोजन के लिए बधाई देता हूं। उन्होंने कहा स्थानीय कलाकारों के साथ साथ कई प्रांतों के कलाकार यहां जुटे जिससे एक अच्छा माहौल बना और अपने  कलात्मकता को धनबाद के इस मंच पर  प्रदर्शित किया। उन्होंने कहा काला हीरा इससे और भी बड़ा कार्यक्रम कलाकारों के उत्थान के लिए आयोजित करें बीसीसीएल पूरा  साथ देगी। उन्होंने कहा बीसीसीएल सीएमडी का यह संदेश है कि आसपास के लोग खुश नहीं है तो कितना भी मुनाफा बीसीसीएल को होगा तो कोई फायदा नहीं। धनबाद वासियों के चेहरे पर खुशियां झलकनी चाहिए,धनबाद में खुशियों का माहौल क्रिएट होते रहना चाहिए। धनबाद आगे बढ़ता रहना चाहिए। इसके लिए बीसीसीएल  हमेशा से प्रयासरत और प्रयत्नशील है। उन्होंने कहा काला हीरा के आयोजन से बच्चों और अभिभावकों के चेहरे पर खुशियां झलकी है यही बीसीसीएल के लिए सबसे बड़ी संतोषप्रद बात है। उन्होंने कहा काला हीरा में परफॉर्मेंस के पहले और बाद में गुरु, माता - पिता को पैर छूते हुए संस्कार देखकर बहुत ही अच्छा लगा और खुशी महसूस हुई। इस मंच से बच्चों के अंदर भारतीय संस्कार एवं बड़ों के प्रति आदर देखने को मिली ।

काला हीरा से बच्चों की कला निखर रही है: महेश मोदी

 99 के उपाध्यक्ष महेश मोदी ने कहा काला हीरा टीम ने अथक परिश्रम कर स्थानीय एवं अन्य प्रांतों के कलाकारों के लिए एक बहुत अच्छा आयोजन किया है और कलाकारों ने भी अपनी बेहतरीन प्रस्तुति दी है। उन्होंने कहा काला हीरा के आरंभिक आयोजन के समय से ही साथ हूं और अब काला हीरा बड़ा होता जा रहा है बढ़ता जा रहा है, पार्टिसिपेशन बढ़ते जा रहे हैं कार्यक्रम बहुत शानदार और दर्शनीय होता जा रहा है जिस से धनबाद का नाम हो रहा है। बच्चों की कला निखर रही है और वे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं। उन्होंने कहा भविष्य में भी काला हीरा के आयोजनों में कदम से कदम मिलाकर मजबूती के साथ रहूंगा। 


फिर मिलने के वादे के साथ हुआ काला हीरा का समापन

सम्मान सह समापन कार्यक्रम में काला हीरा के निर्देशक राजेंद्र प्रसाद,ऑल इंडिया थिएटर काउंसिल के संरक्षक अवधेश सिंह, सिवान बिहार के विजय श्रीवास्तव, वाराणसी के अष्टभुजा मिश्रा, एआईटीसी के यूपी स्टेट कन्वीनर सुनील दत्त विश्वकर्मा  सुरभि जयवर्धने, क्लब इंडिया के डायरेक्टर संतोष रजक सोनाक्षी गुप्ता भागलपुर, अलका सिंह आगरा,मोहम्मद जिलानी मुंगेर, मोहम्मद बिलाल आफताब राना औरंगाबाद को शॉल ओढ़ाकर, पुष्पगुच्छ एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया । समापन के अंतिम घड़ी में सभी कलाकारों एवं नाट्य संस्थाओं  ने काला हीरा के निर्देशक राजेंद्र प्रसाद को  महत्वपूर्ण मंच  उपलब्ध कराने के लिए हार्दिक धन्यवाद  दिया। अंत में राजेंद्र प्रसाद ने एक गीत  चलते चलते याद रखना कभी अलविदा ना कहना... गीत प्रस्तुत किया और काला हीरा टीम के द्वारा अगले वर्ष इससे भी बड़ा महोत्सव करने का शपथ लिया । काला हीरा का समापन  राष्ट्रगान के साथ की गई ।

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