धनबाद। उपायुक्त से मिलने पहुंची भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रागिनी सिंह मीडिया से मुखातिब होते हुए बताया कि झरिया के पूर्व भाजपा विधायक संजीव सिंह ने मंगलवार को न्यायालय में आवेदन देकर इच्छा मृत्यु मांगी है। संजीव सिंह ने यह आवेदन जिला एवं सत्र न्यायाधीश 16 की कोर्ट में दायर किया है। उन्होंने बताया कि संजीव सिंह के बेहतर इलाज के लिए बाहर ले जाने में हर स्तर से राज्य सरकार और जिला प्रशासन बाधा डाल रही है उन्हें अस्पताल में ही पड़े रहने देकर कर मारने की ही साजिश है ऐसे में मजबूर होकर उन्होंने इच्छा मृत्यु की पिटीशन डाली है।
आम लोग सुरक्षित नहीं तो रिम्स में संजीव की सुरक्षा की गारंटी क्या है
उन्होंने बताया कि शहर में अपराध लगातार बढ़ रहा है हत्या आम बात हो गई है ऐसे में जिस मामले में वह जेल में बंद हैं, उसके सूचक का परिवार सत्ताधारी दल से जुड़ा हुआ है। तो रिम्स ले जाने में उनकी सुरक्षा की गारंटी क्या होगी।
झरिया में जलापूर्ति पर जिम्मेदारी से भाग रही विधायिका
उन्होंने झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विधायिका झरिया के लोगों को जलापूर्ति उपलब्ध कराने में नाकाम रही है इसलिए वह आरोप-प्रत्यारोप का खेल खेलकर अपनी जिम्मेदारी से भाग रह रही हैं। जब हर घर नल योजना के तहत घरों में पानी पहुंचाया जा रहा है तो झरिया में यह क्यों नहीं संभव हो पा रहा है गौरतलब हो कि पूर्णिमा सिंह ने कहा था कि झरिया में जलापूर्ति को पाइप में ईटा बालू और बोरा ठुसकर बाधित किया जा रहा है।
सरकारी अस्पतालों की दशा किसी से छुपी नहीं
उन्होंने बताया कि जिले के सरकारी अस्पताल हो या रिम्स वहां की व्यवस्था किसी से छुपी नहीं है। अस्पतालों में ना तो सीटी स्कैन की व्यवस्था है ना ही अन्य सुविधा।इसलिए उन्हें हायर सेंटर में रेफर किया जाए। इसके लिए संजीव सिंह के अधिवक्ता ने कोर्ट में स्थानीय सहित बाहर के कुछ हायर सेंटर के नाम भी सुझाए थे।
उपायुक्त को सौंपा पांच सूत्री मांग पत्र
संजीव सिंह के परिवार जनों का कहना है कि वहां उनके जान को खतरा है. ऐसे में स्थानीय अथवा बाहर के किसी हायर सेंटर में उन्हें खुद के खर्चे पर इलाज की अनुमति कोर्ट दे. उनके परिवार वालों का कहना है कि मंगलवार को भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रागिनी सिंह ने झरिया विधानसभा के विभिन्न जन समस्याओं के समाधान हेतु धनबाद उपायुक्त संदीप सिंह से उपायुक्त कार्यालय में मुलाकात कर उन्हे कई गंभीर विषयों से अवगत कराते हुए पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा। जिसमे श्रीमती सिंह ने कहा है कि झरिया विधानसभा के लिए चल रही 312 करोड़ की पेयजल आपूर्ति योजना में पुराने सभी मोटर पंप को बदलना था लेकिन योजना के शुरू हुए 4 वर्ष बीतने उपरांत भी यह कार्य अब तक शुरू ही नहीं हो पाया है। झरिया राजकीय प्लस टू मध्य विद्यालय का संचालन 2016 में ही इसके पुराने भवन में बंद कर दिया गया। अस्थाई तौर पर इसका संचालन दो अलग-अलग मध्य विद्यालय में किया जा रहा है बनिया हीर में खाली पड़ा स्वास्थ्य विभाग का एक भवन है यदि उसे विद्यालय के लिए आवंटित कर दिया जाए तो राजकीय मध्य विद्यालय के संचालन में आसानी होगी। साथ ही स्थानीय बच्चों को भी पढ़ने का सुअवसर मिलेगा।
झरिया बस स्टैंड के समीप सार्वजनिक सुलभ शौचालय का उपयोग पिछले सप्ताह से शौचालय के जमीन का तापमान अधिक होने के कारण बंद है यह झरिया बाजार का एकमात्र शौचालय है इसके बंद होने से महिलाओं को सबसे ज्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय झरिया में पूर्व की भांति इंटरमीडिएट की कला वाणिज्य एवं विज्ञान की पढ़ाई चालू कराई जाए क्योंकि स्थानीय गरीब बच्चियों की के लिए यही एकमात्र विद्यालय है। जामाडोबा आर एस पी 2 डिग्री कॉलेज में नामांकन प्रारंभ हो गया है लेकिन वहां अभी तक कॉलेज के सामान्य संचालन के लिए कोई भी संसाधन उपलब्ध नहीं कराया गया है। जिस पर धनबाद उपायुक्त श्री संदीप सिंह ने सभी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर जल्द से जल्द समस्याओं के समाधान हेतु कार्यवाही करने की बात कही इस दौरान मुख्य रूप से भाजपा जिला उपाध्यक्ष उमेश यादव जोरापोखर मंडल अध्यक्ष अभिषेक पाण्डेय अखिलेश सिंह राज किशोर जैना इंद्रजीत सिंह स्वरूप भट्टाचार्य मौजूद थे।



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