Dhanbad। बिरसा जयंती तथा झारखंड स्थापना दिवस पर 15 नवंबर को गिरिडीह के रहने वाले कलाकार सुमित गुंजन और उनकी टीम धनबाद जिला प्रशासन के साथ मिलकर लगभग 14,000 वर्ग फीट में गोल्फ ग्राउंड में भगवान बिरसा मुंडा के साथ झारखंड के महापुरुष जयपाल सिंह मुंडा, तिलका मांझी, बिनोद बिहारी महतो, सिबु सोरेन और कार्तिक उरांव का पोर्ट्रेट नक्शे के अंदर बनाने जा रहे हैं। गुंजन का कहना है की वो कोल डस्ट से पूरे झारखंड वासियों एवं भारत देश को ही नही बल्कि पूरे विश्व को ऐसी कला प्रदर्शन दिखाने वाले हैं जो जिसकी किसी ने शायद कल्पना भी नहीं की होगी। गुंजन कहते हैं की वो पहले भी दो बार झारखंड की कला संस्कृति को अंतराष्ट्रीय स्तर तक की पहचान दे चुके हैं और इस बार भी इस कोयलांचल की भूमि में एक अनोखे ढंग से कला प्रदर्शन कर सभी को गर्व महसूस करने की एक ईमानदार कोशिश है ।
सुमित गुंजन एवं उनकी टीम का परिचय
कलाकार सुमित गुंजन जो की गिरिडीह के रहने वाले हैं। बता दे की गुंजन ने पिछले वर्ष दिसंबर में अपना पहला विश्व रिकॉर्ड बनाया था जिसमे उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा का 11,200 वर्ग फीट का पोर्ट्रेट बनाया था लगभग 40,000 रद्दी ईंटो से। उन्होंने अपना दूसरा विश्व रिकॉर्ड हजारीबाग में स्थापित किया वो भी महज 6 महीने के भीतर 30 जून 2023 को हजारीबाग शाहिद सिदो और कान्हु मुर्मू का 12,000 वर्ग फीट में पोर्ट्रेट बनाया था जिला प्रशासन एवं एनटीपीसी की सहायता से।अब गुंजन और उनकी टीम अपना तीसरा कीर्तिमान स्थापित करने जा रहे हैं इस बार देश के कोयलांचल नगरी यानी धनबाद में। गुंजन और उनकी टीम अपनी कला की मध्यम से लोगो को अपने झारखंड के वीर पुरुषों के बारे में जागरूक भी करने की प्रयास करते रहते हैं। टीम में कई ऐसे कलाकार हैं जो की अपना दो या तीन विश्व रिकॉर्ड में भाग ले चुके हैं जैसे की प्रीत राज जो को हजारीबाग के अवार्ड विनिंग कलाकार हैं और ये उनकी दूसरी भागीदारी होगी। इसी प्रकार से रिया कुमारी, अनुराधा साव, छोटे लाला जी का तीसरा अनुभव होगा । उनकी टीम में एक से एक कलाकार अलग अलग जिले से हैं, प्रीत राज, हजारीबाग, रिया कुमारी,बबली,श्वेता बोकारो, सोनू कुमार, राजधनवार, अनुराधा साव, गिरिडीह, सिमरन, महक, श्रुति, स्वेता, छोटे लाल, किरण आदि लगभग 20 कलाकार हैं । अत गुंजन और उनकी टीम अपने झारखंड की जनता, उद्योगपति, राजनेता, प्रशासन आदि सभी से अनुरोध करते हैं की गोल्फ ग्राउंड में उपस्थित होकर कलाकार की कला को देखें और समर्थन करें। गुंजन का कहना है की इस बार वो पिछले दोनो विश्व रिकॉर्ड से कुछ नया, कुछ हटकर कुछ बहुत ही भव्य दिखाने वाले हैं जो की शायद झारखंड या भारत देश लोगो ने पहले कभी न देखा होगा न कल्पना किया होगा।



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