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एकल गौ ग्राम योजना का अखिल भारतीय प्रथम कुंभ धनबाद नगर में आगामी 23,24 और 25 दिसंबर को होगा आयोजित,कुंभ में आए सभी प्रतिनिधि धनबाद के आस-पास 100 गांव में गौग्राम-वनयात्रा करेंगे


Dhanbad। धनबाद नगर के लिए सौभाग्य का विषय है कि एकल गौ ग्राम योजना का अखिल भारतीय प्रथम कुंभ धनबाद नगर में आगामी 23,24,25 दिसंबर 2023 को आयोजित होने जा रहा है। धनबाद क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में गौ ग्राम योजना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष केदारनाथ मित्तल ने बताया कि 23 दिसंबर को कुंभ में आए सभी प्रतिनिधियों को धनबाद के आस-पास 100 गांव में गौग्राम-वनयात्रा का कार्यक्रम रखा गया है। जहां उन्हें इन गोपालकों से मिलने तथा गौ उत्पाद देखने का प्रत्यक्ष अवसर मिलेगा।24 दिसंबर को धनबाद शहर के गोल्फ ग्राउंड में सार्वजनिक सभा होगी जिसमें धनबाद जिला में चल रहे एकल विदयालय ग्रामों से लगभग 30000 गोपालक एवं किसान भाग लेने वाले हैं। 24 दिसंबर के रात्रि में ही टाउन हॉल में एकल अभियान द्वारा प्रशिक्षित वनवासी कथाकारों द्वारा एकल सुर एकल ताल का सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। 25 दिसंबर को आगंतुक प्रतिनिधियों का तीन दिनों से चल रहे इस कार्यशाला का समापन है। धनबाद नगर में इस कार्यक्रम के प्रति उत्साह निर्माण हो इस हेतु 17 दिसंबर को एक शोभायात्रा का भी आयोजन करने की योजना है। ज्ञातव्य हो कि वर्ष 2015 में भी धनबाद नगर में एकल अभियान का अखिल भारतीय परिणाम कुंभ का आयोजन किया गया था जिसमें भारतवर्ष के सभी प्रांतों के साथ साथ बाहर के भी कई देशों से प्रतिनिधिगण आए थे।

ये रहे मौजूद

आज के प्रेस वार्ता में निम्नलिखित लोगों की उपस्थिती रही महेंद्र अग्रवाला, अध्यक्ष, श्रीहरि गौग्राम योजना (झारखंड), केशव हडोडिया, अध्यक्ष, एफटीएस धनबाद चेप्टर, रविन्द्र ओझा, अध्यक्ष, प्रभाग पी3 एकल अभियान, अनुराधा अग्रवाल, अध्यक्ष, महिला समिति धनबाद चैप्टर, आयुष तिवारी, उपाध्यक्ष, एकल फ्यूचर, ललन शर्मा, केंद्रीय अभियान प्रमुख, एकल अभियान, नितिन हडोडिया, रोहित प्रसाद श्सोमनाथ पूर्ति, संजय साहू 

एकल गौ ग्राम योजना  का परिचय

यह बताते हुए और भी गर्व हो रहा है कि आज जिस एकल विद्यालय की शुरूश्वात इसी धनबाद से 1989 से हआ था आज वह देश के सभी प्रांतों तक 1 लाख से भी अधिक गांवों में संचालित होने लगा है। ठीक उसी प्रकार एकल अभियान के ही पंचमुखी शिक्षा का एक आयाम श्रीहरि सत्संग समिति द्वारा गौग्राम योजना की शुरुवात की गई है। इस योजना के माध्यम से यह प्रयास किया जा रहा है कि भारतीय देशी गायों के नस्ल को कैसे बचाया जाए। किसी न किसी कारणवश गांव से देशी नस्ल के गाय-बछड़े का पलायन हो रहा है। जिसके कारण एक ओर जहां हल-बैलों की खेती समाप्त हो रही है वहीं दूसरे खेतों लिए आवश्यक उर्वरक गोबर गोमूत्र की कमी हो रही है जिस कारण रासायनिक खेती का विस्तार तथा उसका दुष्प्रभाव हम देख रहे हैं। खास कर बिना दूध देने वाली बूढी गायों या महानगर की गौशालाओं में अस्वाभाविक जीवन जीने को मजबूर है या फिर कत्लखानों में जाती जा रही है। भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा गोवंश का मांस निर्यातक देश बना हुआ इन सब विषयों को देखते हुए कि देशी नस्ल की गाये कैसे गांव में बच सके तथा पुनः जैविक खेती पर निर्भर हो और बिना दूध देने वाली बढ़ीं गायों को भी आर्थिक रूप से स्वावलंबी जीवन जीने लायक बनाया जाय इसके प्रयास के रूप में गाँ ग्राम योजना का शुरुवात हआ। गौग्राम योजना का नारा है। गाय का घर किसान का घर,गाय बिकेगी नहीं तो कटेगी

गांव की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाए जा रहा है

गौग्राम योजना के द्वारा नगर की गोशालायों से किसानों के घर तक ऐसी गायों को पहुंचाया जाता है। वहां उनके घर की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन गायों के गोबर से दीपक तथा धूपबत्ती बनाई जा रही है। इनके लिए सभी परिवारों में दीपक बनाने हेतु सांचा तथा अन्य को सामग्री लगते हैं वह संस्था की ओर से उपलब्ध कराई जाती है।धनबाद, झरिया, कतरास, हजारीबाग, गिरिडीह तथा देवघर की गौशालाओं से अब तक 300 अधिक गायों को किसानों के घर पहुंचाया जा चुका है। जिसके माध्यम से 300 गांवों के लगभग 3000 परिवारों को प्रशिक्षित कर दीपक, धूपबत्ती तथा जैविक खाद बनाने का काम प्रारंभ किया गया है।एकल अभियान ने इस वर्ष दीपावली के त्योहार को गो दीपोत्सव के रूप में मनाने का संकल्प लिया था जिस अवसर पर इन गांवों की महिलाओं द्वारा बनाए गए दीप आई धूप बत्ती देश के विभिन्न महानगरों के लगभग 30000 परिवारों तक पहुंचाए गए और सबों के घरों में गोबर से बने दीप ही जले। विगत दो वर्षों के इस सफल प्रयोग को अब देशव्यापी बनाने की योजना है। इस निमित धनबाद महानगर में यह गौग्राम कुंभ का आयोजन किया जा रहा है जिसमें संपूर्ण देश से एकल अभियान से जुड़े नगर संगठन तथा ग्राम संगठन के पदाधिकारी तथा सेवा व्रती कार्यकर्तागण भाग ले रहे हैं।









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