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शक्ति मंदिर के 34 वें शिलान्यास दिवस पर हवन के साथ हुआ शिलापूजन

  


धनबाद। शक्ति मंदिर के 34 वें शिलान्यास दिवस पर शिलापूजन एवं हवन यजमान  अरुण भण्डारी एवं धर्मपत्नी रेणु भण्डारी ने पुजारी मुकेश पाण्डेय एवं राधे श्याम, सन्तोष पांडे ,जमना पांडे के सानिध्य में किया। मौके पर अध्यक्ष एस पी सोंधी, उपाध्यक्ष राजीव सचदेव,सुरेन्द्र ठक्कर,कोषाध्यक्ष विपिन अरोड़ा ,  संयुक्त सचिव सुरेंद्र अरोड़ा, कार्यकारिणी सदस्य सोमनाथ प्रूथी,अशोक भसीन,विनोद आहूजा,राकेश आनंद,अशोक अरोड़ा,अरुण गुजराल ,योगेन्द्र मोहन अग्रवाल दिनेश पुरी,रवि गंडोतरा,प्रबन्धकब्रजेश मिश्र उपप्रबन्धक गोरव अरोड़ा , जितेंद्र मालाकर, धर्मेंद्र कुमार, सतेन्द्र मालाकर विजय कुमार एवं अन्य मौजूद थे।

आज ही के दिन मंदिर की आधारशिला रखी गई थी

7 दिसंबर 1989 को दोपहर 12:17 बजे मंदिर की आधारशिला रखी गई थी। भक्त हिमाचल प्रदेश जाकर माता रानी की ज्योत लेकर 29 जनवरी 1997 को धनबाद पहुंचे थे। पूरे नगर का भ्रमण कराया गया था, इसके बाद मंदिर में ज्योत प्रतिस्थापित की गई थी, जो कि 27 वर्षों से अखंड रूप से प्रज्ज्वलित है। इसके दर्शन से सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। 19 फरवरी 1997 को सभी देवी देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा हुई। शक्ति मंदिर का नामकरण शंकराचार्य ने किया था। शिलान्यास दिवस पर उन्होंने घोषणा की थी कि भविष्य में यह शक्तिपीठ के रूप में जाना जाएगा।



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