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आज आगमन काल के तीसरे रविवार को हजारों की संख्या में ईसाई धर्मावलंबी संत अंथोनी चर्च में एकत्रित हुए,चर्च के फादर ज्ञान प्रकाश टोपनो ने कहा की प्रभु यीशु ही संसार की ज्योति है और उसके प्रकाश से ही हम सभी प्रकाशमय होते हैं

 


Dhanbad। आज आगमन काल अर्थात यीशु के जन्म के पूर्व के तीसरे रविवार को हजारों की संख्या में ईसाई धर्मावलंबी  संत अंथोनी चर्च में एकत्रित हुए। जहां चर्च के फादर ज्ञान प्रकाश टोपनो द्वारा आगमन कल के बारे में प्रकाश डालते हुए अपने उपदेश में कहा कि आज से हम प्रभु यीशु के पहले आगमन को याद करते हैं। आगमन काल के दो हिस्से होते हैं। पहले हिस्से में प्रभु यीशु के दूसरे आगमन अर्थात हमारी मृत्यु के बाद हमारा न्याय तथा स्वर्ग राज्य में प्रवेश को याद किया जाता है। दूसरे हिस्से की शुरुआत आज से हो रही है इसमें प्रभु के पहले आगमन अर्थात उनके जन्म की भविष्यवाणी से लेकर उनके जन्म तक की घटना को स्मरण किया जाता है। प्रभु यीशु के जन्म के पहले ही योहन नामक एक भविष्यवक्ता ने उनके विषय में यह भविष्यवाणी की थी की हमारा उद्धारकर्ता ,ईश्वर का पुत्र आने वाला है। जिस प्रकार से आज के समय में हम कोर्ट कचहरी में किसी व्यक्ति को पहचानने के लिए उसकी गवाही देते हैं ठीक उसी प्रकार योहन नामक व्यक्ति जो की एक भविष्यवक्ता था उसने भी यह गवाही दी की जो आने वाला है, मैं उसे जानता हूं कि वह स्वयं ईश्वर का पुत्र है। आज वर्तमान स्थिति में भी हमारे सामने कई बार ऐसी परिस्थितियों आती हैं जबकि हमारा प्रभु यह चाहता है कि हम सबके बीच में उसे स्वीकार करें, लोगों के बीच यह गवाही दें की हां यह हमारा मुक्तिदाता प्रभु यीशु है। लेकिन क्या सचमुच आज हम अपने प्रभु को लोगों के सामने स्वीकार करते हैं? क्या हम सही का साथ देते हैं? इस प्रकार जाने अनजाने ही सही लेकिन हम अपने प्रभु को लोगों के सामने अपनाने में झिझकते हैं और दूसरों की परेशानियों में अपने आप को डालने से बचते हैं। आज जब कोई हमें सताहट होती है तो क्या हम उसे क्षमा कर पाते हैं या उसकी बर्बादी की कामना करते हैं। ऐसी बहुत सारी गतिविधियां हैं जो कि हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि हम क्यों अपने प्रभु का इनकार करते हैं? यदि हम अपने प्रभु को स्वीकारते हैं तो हम यह कहें  कि है प्रभु मुझ में आप बढ़े और मैं घटूं। यदि कोई कहता है कि आज मेरे पास जो कुछ भी है वह सब मेरा कमाया हुआ है। मैंने अपनी बलबूते उसे हासिल किया है। तो यह उसकी नासमझी है। दरअसल हम लोग यह भूल जाते हैं कि इस संसार में हमारा कुछ भी नहीं है यहां तक कि हमारा शरीर भी स्वयं हमारा नहीं है। तो फिर हम कैसे सांसारिक वस्तुओं को अपना कह सकते हैं। इसलिए हमें चाहिए कि हम जो कुछ भी करें वह अपनी पहचान बनाने के लिए नहीं बल्कि प्रभु यीशु की पहचान बनाने के लिए करें क्योंकि प्रभु यीशु ही संसार की ज्योति है और उसके प्रकाश से ही हम सभी प्रकाशमय होते हैं। हमें चाहिए कि हम प्रभु का धन्यवाद करें और अपने हर एक काम का श्रेय और सारा आदर सम्मान प्रभु को समर्पित करें। प्रभु की साक्षी दें और यह कहें कि यह वही शब्द है जो देहधारी हुआ और वही हमारा स्वामी है। 18 दिसंबर  को संत अंथोनी चर्च के प्रांगण में संध्या 5:00 बजे क्रिसमस गैदरिंग का आयोजन किया जाएगा और दिनांक 24 दिसंबर 2023 को रात्रि 10:00 बजे क्रिसमस मिड नाइट प्रार्थना सभा का आयोजन किया जाएगा।



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