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इस बार कोयले के काले खेल का पर्दाफाश इनकम टैक्स, ईडी और सीबीआई की ज्वाइंट टीम मिल कर करेगी, धनबाद के 45 कारोबारी टीम की रडार पर


Ranchi/Dhanbad: बीते तीन सालों में धनबाद में कोयलेका काला खेल जम कर हुआ है. जाहिर तौर पर इस खेल को अंजाम तक पहुंचाने में आला से लेकर कनीय पुलिस अधिकारियों तक का साथ मिला. इस कोयले की काली कमाई का आकलन कई सौ करोड़ रुपये बताया जा रहा है. केंद्रीय एजेंसियों को कई शिकायत मिलने के बाद एजेंसियों की तरफ से एक ज्वाइंट कमेटी गठित करने की बात सामने आ रही है. कहा जा रहा है कि इस बार कोयले के इस काले खेल का पर्दाफाश इनकम टैक्स, ईडी और सीबीआई की ज्वाइंट टीम मिल कर करेगी. पुख्ता सूत्रों की मानें तो टीम ने इस मामले पर काम शुरू भी कर दिया है. वैसे सभी सफेदपोश, वर्दी वाले और कारोबारियों की सूची तैयार कर ली है, जिन कर शिकंजा कसा जाना है. टीम की तरफ से जो कोयले का काला कारोबार करनेवालों की लिस्ट बनायी गयी है उनमें आइपीएस रैंक तक के अधिकारी हैं. कुछ डीएसपी और थानेदार भी. जाहिर तौर पर कई कोयला कारोबारी के भी नाम इस लिस्ट में शामिल हैं.

ऐसे कर रहा इनकम टैक्स अपना काम

इनकम टैक्स ने एक बार में 50 लाख रुपये या इससे अधिक की संपत्ति खरीदनेवाले लोगों का डीटेल तैयार किया है. इनमें से कुछ लोग ऐसे हैं, जिनका आयकर रिटर्न काफी कम है. कुछ ऐसे लोगों के नाम भी सामने आये हैं, जिन्होंने टैक्स के रूप में 40 से 50 हजार रुपये जमा किये हैं. लेकिन एक बार में डेढ़ से दो करोड़ रुपये तक की प्रोपर्टी खरीदी है. इसका जिक्र उन्होंने अपने आयकर रिटर्न में भी नहीं किया है. ऐसे लोगों की सूचनाएं धनबाद व गोविदपुर निबंधन कार्यालय से ली गयी है, एक-एक डीड की प्रति निकाली गयी है. इन सूचनाओं का मिलान दूसरी एजेंसियों के सहयोग से भी किया जा रहा है. इन्हीं लोगों की मदद से केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम ऊपर बैठे इनके आंकाओं तक पहुंचने का रास्ता बनायेगी. जैसा कि झारखंड के दूसरे मामलों में होता देखा गया है. संभव है कि जल्द ही रांची से भी धनबाद के काले खेल के तार जुड़ते दिखें. वहीं कुछ आला पुलिस अधिकारी भी इस पूरे प्रकरण में आरोपी बनाये जा सकते हैं. उन पर सख्त कार्रवाई संभव होती दिख रही है.

धनबाद के 45 कारोबारी टीम की रडार पर

केंद्रीय जांच एजेंसियों की टीम की रडार पर करीब 40 कारोबारी हैं. इन कारोबारियों ने पिछले दो-तीन सालों में अकूत पैसा कमाया. इन सभी के बैंक खातों के लेनदेन और खरीदी गयी अचल संपत्तियों का ब्योरा जमा किया गया है. आयकर विभाग को विभिन्न बैंकों से मिली जानकारी के आधार पर जांच शुरू हुई है. जांच के दायरे में वैसे लोगों को रखा गया है, जिन्होंने एक बार में 10 लाख रुपये से अधिक की राशि जमा की है. वहीं दूसरी ओर उनका रिटर्न काफी कम है. एकमुश्त बड़ी रकम जमा करनेवालों में ज्यादातर वैसे कारोबारी हैं जिनका कोई ठोस बैकग्राउंड नहीं है. इनमें 90 फीसदी लोग कोयला कारोबार से जुड़े हैं. ऐसे लोगों की धनबाद से बाहर की प्रोपटी की जांच उनके पैन नंबर के जरिये की जा रही है. सभी साक्ष्य जुटाने के बाद केंद्रीय एजेंसी की टीम बड़ी कार्रवाई के मूड में है.

कारोबारी ने अपने कर्मी के खाते में जमा कराये तीन करोड़

पुख्ता जानकारी है कि एक रियल एस्टेट के बड़े कारोबारी ने अपने यहां काम करनेवाले मामूली से कर्मी के दो बैंकों में लगभग तीन करोड़ रुपये जमा करवाये हैं. यह ट्रांजेक्शन एक साल के अंदर हुआ है. इसमें से 70 लाख रुपये की निकासी भी हो गयी है. मामले की जानकारी मिलते ही इनकम टैक्स ने बैंक खाते में पड़े दो करोड़ से ज्यादा रुपये को सील कर लिया है. एजेंसी ने उन्हें नोटिस भी भेजा है. खाते से पैसे की निकासी पर रोक लगा दी गयी है.







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