Dhanbad। आज दसलक्षण पर्व का नौवां दिन उत्तम अकिंचन्य धर्म की पूजा हुई। आज प्रातः 7 बजे अभिषेक और शांतिधारा हुई आजके शांति धारा के पुण्यार्जक थे दीपक जैन ,तारा चंद जी,नवीन, अर्ध गोधा, सुयश जैन ।
।मै किसीका नही, कोई मेरा नही यह अन्यत्व भावना के साथ अपरिग्रह शुरु होता है, वस्तुए सिमित करना, छोड देना, भेद विज्ञान का चिंतन करना, से लेकर वस्त्र, गृह, बर्तन, पात्र का त्याग कर सम्पुर्ण ऐहिक दरिद्रता ही अकिंचन्य है। इसे बढाते हुए, ये कर्म को भी निर्जरा, उदीरणा करके छोड देकर कर्ममुक्त होना अकिंचन्य का परीसीमा है।
आज के कार्यक्रम में उपस्थित थे , मनीष शाह, मुकेश गंगवाल, बिनोद गंगवाल , मनीष झांझरी, संजय गोधा, प्रमोद जैन, चक्रेश जैन, तारा देवी जैन, रेणु जैन, शिल्पा जैन, ज्योति जैन, प्रीति जैन,सपना जैन आदि


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