धनबाद। बरवाअड्डा स्थित सिंबायोसिस किड्स स्कूल में रविवार को आयोजित किड्स कार्निवल–2025 बच्चों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मक सोच और आत्मविश्वास का भव्य उत्सव बनकर सामने आया। विद्यालय की प्राचार्या रीना मंडल के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में संपन्न इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि सिंबायोसिस किड्स स्कूल बीते पाँच वर्षों से बच्चों को केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उनके व्यक्तित्व विकास, सृजनात्मकता और जीवन कौशल को भी समान महत्व देता है। यह कार्निवल विद्यालय की उसी दूरदर्शी सोच और प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण रहा, जहाँ बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का खुला, प्रेरक और सुरक्षित मंच मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इस अवसर पर सिंदरी के पूर्व विधायक फूलचंद मंडल, मुख्य अतिथि डॉ. विश्वजीत पॉल (प्रोफेसर, आईआईटी–आईआईएम धनबाद), विद्यालय के निदेशक आशीष मंडल, प्राचार्या रीना मंडल, सिंबायोसिस पब्लिक स्कूल के सचिव धरणीधर मंडल तथा प्राचार्या विद्या सिंह सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत श्लोक पाठ एवं मधुर स्वागत गीत ‘मंगलदीप जले’ से हुई, जिसने पूरे विद्यालय परिसर को सकारात्मक ऊर्जा और उल्लास से भर दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और बच्चों का आत्मविश्वास
किड्स कार्निवल–2025 में नर्सरी से लेकर कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम, शैक्षणिक गतिविधियाँ और रचनात्मक प्रस्तुतियाँ दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। विशेष रूप से प्ले ग्रुप के नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा ‘मेरी क्रिसमस’ गीत पर प्रस्तुत मनमोहक नृत्य ने सभी का दिल जीत लिया। मंच पर बच्चों की सहजता, आत्मविश्वास और मासूम अभिव्यक्ति ने अभिभावकों को भावविभोर कर दिया।
मुख्य अतिथि डॉ. विश्वजीत पॉल ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों की छिपी हुई प्रतिभा निखरकर सामने आती है। इससे उनमें सीखने की ललक, आत्मविश्वास, रचनात्मक सोच और टीमवर्क की भावना का विकास होता है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि प्रारंभिक स्तर पर ऐसा मंच मिलना बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है।
बहुविषयक प्रदर्शनी और सीखने का नया अनुभव
किड्स कार्निवल–2025 के अंतर्गत लगभग 60 मॉडलों की एक भव्य बहुविषयक प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसने शिक्षा को व्यवहारिक और रोचक रूप में प्रस्तुत किया। प्रदर्शनी में झारखंड मॉडल, बंगाली संस्कृति दर्शन, सूर्य और तुलसी का महत्व, बांस का उपयोग, हिंदी एवं पारंपरिक खेल, गुड्डी-गुड़िया की शादी, थ्री-डायमेंशनल एटीएम मशीन, संस्कृति और मूल मंत्र, सोलर सिस्टम, वायुमंडल की परतें, जंगल कटाई, दिन-रात का निर्माण, गंगा तंत्र, वर्किंग मॉडल, अलजेब्रिक एक्सप्रेशन, मैथ्स क्यूब रूट, रेन डिटेक्टर मॉडल, ऑटोमेटिक वाटर डिस्पेंसर सहित अनेक ज्ञानवर्धक और रचनात्मक मॉडल विशेष रूप से सराहे गए। बच्चों ने स्वयं अपने मॉडलों की जानकारी देकर दर्शकों को प्रभावित किया।
फूड स्टॉल और व्यावहारिक सीख
कार्निवल में बच्चों द्वारा लगाए गए फूड स्टॉल भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। खासकर झालमूढ़ी स्टॉल ने सभी का ध्यान खींचा। छोटे-छोटे बच्चों द्वारा स्वयं स्टॉल लगाकर सामग्री बेचना उनके भीतर आत्मनिर्भरता, जिम्मेदारी और व्यावहारिक ज्ञान के विकास का सुंदर उदाहरण रहा। अभिभावकों ने विद्यालय की इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना की और बच्चों की प्रस्तुतियों को प्रेरणादायक बताया।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय की प्राचार्या रीना मंडल ने कहा कि किड्स कार्निवल केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों को एक साथ जोड़ने का सशक्त माध्यम है। यह मंच बच्चों को प्रयोग करने, सीखने और अपनी बात को आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सफल आयोजन के लिए पूरी टीम को बधाई दी। कुल मिलाकर, सिंबायोसिस किड्स स्कूल का किड्स कार्निवल–2025 प्राचार्या रीना मंडल के नेतृत्व में एक यादगार, रंगारंग और शिक्षाप्रद आयोजन साबित हुआ, जिसमें बच्चों की खुशी, उत्साह और सीखने की ललक हर चेहरे पर साफ झलकती नजर आई।


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